मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत नवविवाहित दुल्हनों को गिफ्ट में दी जाने वाली मेकअप किट में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियां बांटे जाने पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।

भोपाल. मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार की प्रमुख योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह(Mukhyamantri Kanya Vivah/Nikah Yojana) पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत नवविवाहित दुल्हनों को गिफ्ट में दी जाने वाली मेकअप किट में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियां बांटे जाने पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। बता दें कि पिछले महीने एक अन्य आदिवासी बहुल जिले डिंडोरी में विवाह योजना में नामांकित युवा लड़कियों के कथित प्रेग्नेंसी टेस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर वायरल है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

मप्र के झाबुआ में सामूहिक विवाह में बंटे कंडोम

आदिवासी बहुल झाबुआ जिले के थांदला ब्लॉक में सोमवार(29 मई) को 296 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में यह विवाद सामने आया है। हुआ यूं कि जैसे ही कपल ने उन्हें उपहार में दिए गए मेकअप बॉक्स/किट को खोला, उन्हें अंदर कंडोम और गर्भ-निरोधक गोलियों के पैकेट मिले। इस इवेंट के विजुअल्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव-2024 से पहले भाजपा v/s कांग्रेस

इस मामले ने राजनीति तूल पकड़ लिया है। यह मामला ऐसे समय में आया है, जब मप्र में विधानसभा चुनाव-2024 नजदीक हैं। विपक्षी कांग्रेस के लिए तो जैसे ये बारूद का सामान मिल गया है।

राज्य कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा ने कहा-"इससे पता चलता है कि भाजपा सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। मध्य प्रदेश में शायद यह पहली बार है कि दुल्हनों के साथ इस तरह का गंदा मजाक किया गया है।”

हालांकि बीजेपी प्रवक्ता नेहा बग्गा ने सरकार की ओर से सफाई दी-“राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नए दिशानिर्देशों के तहत किट वितरित किए जा रहे हैं। कांग्रेस को यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि क्या वह नवविवाहित कपल को परिवार नियोजन के बारे में शिक्षित करने के खिलाफ है।"

क्या है मप्र में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना?

थांदला नगर पालिका परिषद के प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भूर सिंह रावत ने मीडिया से कहा-“हमें गिफ्ट का लेकर कुछ नहीं कहना है। ये संभवतः स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके परिवार नियोजन प्रचार प्रयासों के तहत उपहार में दिए गए हैं।”

बता दें कि यह योजना 2006 में लॉन्च की गई थी। स्थानीय शहरी निकाय प्रत्येक नवविवाहित दुल्हन के अकाउंट में सीधे 49,000 जमा करता है, जबकि शेष 6,000 भोजन और अन्य विवाह समारोह से संबंधित कामों पर खर्च किया जाता है।

यह भी पढ़ें

केरल के धार्मिक स्कूल में 17 साल की असमिया मोल की सुसाइड मिस्ट्री में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, बॉयफ्रेंड ने किया था कांड

कौन है LOVE JIHAD का शिकार बनी ये मॉडल