बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत मुस्लिम पुरुष चार शादियां रजिस्टर करवा सकते हैं. एक व्यक्ति की तीसरी शादी का रजिस्ट्रेशन ना करने पर कोर्ट ने ये फैसला सुनाया.

मुंबई: मुस्लिम पर्सनल लॉ बहुविवाह की अनुमति देता है, इसलिए मुस्लिम पुरुष अगर एक से ज़्यादा शादियां करते हैं तो वे उसे रजिस्टर (चौथी शादी तक) करवा सकते हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने ऐसा कहा है.

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एक व्यक्ति ने पिछले साल फरवरी में अल्जीरिया की एक महिला से तीसरी शादी की थी. लेकिन ये पुरुष की तीसरी शादी थी इसलिए महानगर पालिका के विवाह पंजीकरण अधिकारियों ने रजिस्ट्रेशन करने से इनकार कर दिया था. इसी के खिलाफ दंपति ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इस मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा, ‘मुस्लिम पुरुषों को पर्सनल लॉ के तहत एक साथ चार पत्नियां रखने का अधिकार है. मुस्लिम पुरुषों के मामले में महाराष्ट्र मैरिज ब्यूरो और मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत सिर्फ एक शादी रजिस्टर करने का कानून लागू नहीं होता.’

बहेच सांप्रदायिक हिंसा: बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बहराइच में हुई सांप्रदायिक हिंसा में शामिल लोगों के घरों को 'अवैध निर्माण' बताकर बुलडोजर से गिराने के योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा, 'अगर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने का जोखिम उठाना चाहती है तो ये राज्य सरकार की मर्जी है' और बुधवार को फिर से सुनवाई करने की बात कही.