महाराष्ट्र में महायुति की जीत के बाद अगले सीएम कौन होगा यह अभी तय नहीं है। सूत्रों के अनुसार, अजीत पवार की राय महत्वपूर्ण है और वे देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाने के पक्ष में हैं। शिंदे ने भी सीएम पद के लिए दावा पेश किया है।

मुंबई। महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री कौन होंगे? विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन को मिली रिकॉर्ड जीत के बाद भी इस सवाल का जवाब मिलना अभी बाकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएम कौन होगा इसको लेकर NCP नेता अजीत पवार की राय बेहद मायने रखती है।

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अजित पवार ने रविवार को अपने घर पर नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री पर चर्चा की गई। सूत्रों से जानकारी मिली है कि अजित पवार भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का अगला सीएम बनाने के पक्ष में हैं।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार को शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने सीएम पद के लिए दावा पेश किया। कहा कि "लाडली बहना" योजना उनके दिमाग की उपज है। इसने महाराष्ट्र में महायुति की शानदार जीत में बड़ी भूमिका निभाई है।

सीएम पद के लिए देवेंद्र फडणवीस का समर्थन क्यों कर रहे हैं अजीत पवार?

महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस का समर्थन अजीत पवार क्यों कर रहे हैं? इस सवाल का जवाब एकनाथ शिंदे के साथ उनके पुराने रिश्ते में छिपा है। 2019 में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन तैयार किया था और सरकार बनाई थी। उस वक्त शिवसेना के दो हिस्से नहीं हुए थे। एकनाथ शिंदे शिवसेना में थे। अजीत पवार और एकनाथ शिंदे के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।

महा विकास अघाड़ी गठबंधन की सरकार के समय सीएम उद्धव ठाकरे ने अजित पवार को अधिक ताकत दी थी। अजित पवार को नौकरशाही पर प्रभाव डालने का अवसर मिला। एकनाथ शिंदे इस बात से नाराज थे। इससे एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच टकराव हुआ। आगे चलकर 2022 में शिंदे गुट शिवसेना में बगावत कर दिया और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली। ऐसा माना जाता है कि जब भाजपा ने अजित पवार को महायुति गठबंधन में शामिल किया तो एकनाथ शिंदे ने शुरू में असहजता व्यक्त की थी।

महाराष्ट्र में भाजपा को मिली है 132 सीटों पर जीत

बता दें कि महाराष्ट्र में भाजपा ने 149 सीटों पर चुनाव लड़कर 132 सीटें जीतीं हैं। शिवसेना (एकनाथ शिंदे) को 57 और अजित पवार की एनसीपी को 41 सीटें मिलीं हैं। राज्य में विधानसभा की सीटें 288 हैं। बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है। कांग्रेस 16, शिवसेना (यूबीटी) ने 20 और एनसीपी (एसपी) ने 10 सीटों पर जीत हासिल की है।