मुंबई पुलिस कमिश्नर ने सोशल मीडिया पर फर्जी गिरफ्तारी नोटिस की चेतावनी जारी की है। साइबर अपराधी इन नोटिस के जरिए लोगों को डराकर पैसे ऐंठ रहे हैं। जानें कैसे पहचानें असली और नकली नोटिस और खुद को कैसे सुरक्षित रखें।

मुंबई। गिरफ्तारी का नोटिस अपने आप में ही एक आम आदमी को डराने के लिए काफी है और अगर इसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का उल्लेख है और मुंबई पुलिस कमिश्नर का सिग्नेचर हो, तो यह किसी का भी गला सुखा देगा। निर्दोष व्यक्ति भी इस नोटिस के झंझट से खुद को बचाने के लिए कुछ भी करेगा। अगर बात पैसे की आ जाए, तो कोई भी कानूनी परेशानी से बचने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

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मुंबई पुलिस कमिश्नर ने सोशल मीडिया पर शेयर की साइबर क्राइम की ये घटना

यही वह मजबूरी है, जिसका साइबर क्रिमिनल फायदा उठाते हैं और लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करते हैं। अब मुंबई पुलिस कमिश्नर IPS विवेक फनसालकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर ऐसे ही एक पोस्ट शेयर की है। जिसमें उन्होंने लोगों से कहा कि अगर उन्हें ऐसा कोई नोटिस या मैसेज मिले, जिसमें उनका नाम भी शामिल हो, तो वे घबराएं नहीं।

मुंबई पुलिस आयुक्त ने फेंक नोटिस की दो कॉपी भी की शेयर

उन्होंने ईमेल की दो कॉपी शेयर कीं, जिसमें प्रेषक ने लिखा था कि यह आपको केंद्रीय जांच ब्यूरो, अनुसंधान और विश्लेषण विभाग द्वारा आपके इंटरनेट IP ट्रैफ़िक के खिलाफ न्यायालय आदेश के बारे में सूचित करने के लिए है। आपके ऑफिसियल या पर्सनल इंटरनेट को किशोर पोर्नोग्राफ़िक एक्टिविटिज साइबर में बदलना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेल में आगे लिखा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) साइबर क्राइम के सभी जटिल और संवेदनशील मामलों को संभालने में पुलिस साइबर क्राइम स्पेशल सेल्स के साथ साझेदारी में काम करता है, खासकर जब पीड़ित महिलाएं और नाबालिग बच्चे हों।

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नोटिस में क्या हैं?

इसमें कहा गया है कि हमारी लैब हाईटेक स्पाइडर/क्रॉलिंग डिजिटल सॉफ़्टवेयर और एक्यूपमेंट से लैस हैं, जिनमें हार्ड ड्राइव और मोबाइल फ़ोन से हटाए गए डेटा को निकालने, इमेजिंग और हैश वैल्यू कैलकुलेशन, ऑन-साइट जांच के लिए फोरेंसिक सर्वर और पोर्टेबल फ़ॉरेंसिक टूल, लेटेस्ट एंड्रॉइड या IOS के साथ-साथ चीनी फ़ोन से डेटा निकालने की सुविधा जैसी फ़ॉरेंसिक क्षमताएं हैं। इसके आधार पर किसी भी पीड़ित के लिए जानबूझकर या अनजाने में डिजिटल रूप से कैप्चर किए बिना किशोर टोमोग्राफ़िक साइटों पर जाना बेहद मुश्किल है।

साइबर क्रिमिनलों ने दी है कार्रवाई की धमकी

नोटिस में आगे लिखा है कि आपका जवाब 24 घंटे के भीतर मिलने पर कोर्ट के आदेश पर अधिक जानकारी या स्पष्टीकरण आपको उपलब्ध करा दिया जाएगा। हमारा कार्यालय 24 घंटे/7 दिन काम करता है। आश्वस्त रहें कि यदि आप इस नोटिस का जवाब प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर नहीं देते हैं, तो आपके खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसे शेयर करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि क्या आपको मुंबई के पुलिस कमिश्नर से इस तरह का कोई गिरफ्तारी का नोटिस मिला है? अगर मिला है तो हमें तुरंत इसकी सूचना दें!

इस तरह की किसी भी नोटिस पर तत्काल पुलिस को दें सूचना

उन्होंने मुंबईवासियों से कहा है कि वे ईमेल, व्हाट्सएप, SMS या फोन कॉल के माध्यम से भेजे गए फर्जी गिरफ्तारी नोटिस पर भरोसा न करें या उनका जवाब न दें, जो कमिश्नर से होने का दावा करते हैं। नागरिकों से सतर्क रहने और dcpcybercrime.mum@mahapolice.gov.in पर रिपोर्ट करने, 1930 पर कॉल करने या http://cybercrime.gov.in पर जाने का अनुरोध किया जाता है।

साइबर क्रिमिनलों की नई चाल के प्रति सतर्क रहने का निर्देश

मुंबई पुलिस आयुक्त ने कहा है कि अगर आपको मुंबई पुलिस आयुक्त से कोई गिरफ्तारी नोटिस मिला है, तो घबराएं नहीं और तुरंत हमें सूचित करें। यह साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को धोखा देने की ये एक नई चाल है, जिससे सतर्क रहना जरूरी है।

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