उत्तर प्रदेश सरकार ने e-RUPEE वाउचर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिए डायग्नोस्टिक सेवाओं की सुविधा दी। 14.5 लाख वाउचर जारी, आज़मगढ़ सबसे आगे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-रुपे वाउचर योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को नैदानिक सेवाओं की बेहतर पहुंच देने के लिए 14.5 लाख से अधिक वाउचर जारी किए हैं। इन वाउचर्स का उपयोग प्राइवेट हेल्थ केयर सेंटर्स पर विशेष रूप से अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए किया जा रहा है।

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वाउचर वितरण में टॉप डिस्ट्रिक

रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार आज़मगढ़ 61,000 से अधिक वाउचर्स जारी कर सबसे आगे है। इसके बाद आगरा (56,000) और बदायूं (53,000) का स्थान है। वहीं प्रयागराज चौथे और देवरिया पांचवें स्थान पर रहे। सबसे कम वाउचर कासगंज (4,352), भदोही (4,876) और शामली (5,749) में जारी किए गए। जारी किए गए 14.5 लाख वाउचर्स में से 6.81 लाख वाउचर्स का उपयोग लाभार्थियों द्वारा किया जा चुका है। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता और पहुंच में सुधार हुआ है। क्योंकि कई ऐसे जरूरतमंद गर्भवती महिलाएं हैं, जिनका परिवार उनके इलाज का खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं होता है। उनके लिए ये स्कीम बेहद मददगार साबित हो रही है। 

सरकार का क्या है उद्देश्य

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर ध्यान को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक डायग्नोस्टिक सर्विस उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। 

डिजिटल पहल के फायदे

डॉ. जोवल ने आगे कहा, "पूरी तरह से डिजिटल योजना होने के कारण यह सुनिश्चित करता है कि लाभ सीधे लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है।" ई-रुपी वाउचर योजना उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवा वितरण सुनिश्चित करने का प्रतिबिंब है।

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