दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने स्पैम कॉल और फ्रॉड कॉल से निपटने के लिए के प्रस्ताव रखा है। इसमें कॉलिंग के समय कॉलर के नंंबर के साथ नाम लाने का सुझाव दिया है। इस पर काम साल 2021 में शुरू हो गया था। 

 टेक डेस्क. दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने स्पैम कॉल और फ्रॉड कॉल से निपटने के लिए प्रस्ताव रखा है। इसमें हर कॉल के साथ कॉल करने वाले का नाम सामने आने का सुझाव दिया है। इसकी जानकारी भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने शुक्रवार को दी।

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ट्राई ने भारतीय दूरसंचार नेटवर्क में सीएनएपी यानी इंट्रोडक्शन ऑफ कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन नाम दिया जाएगा। कंट्रोलर ने बताया कि उसने इस बारे में दूरसंचार विभाग से मांगे जाने के बाद सुझावों को रखा है।

डीओटी ने ट्राई से मांगे सुझाव

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन मार्च 2022 में ट्राई से सुझाव मांगे थे। इसके बाद ट्राई ने नवंबर 2022 में सीएमएपी सर्विस को लेकर कंसल्टेशन पेपर जारी किया था। इसमें इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से राय ली थी। इस मामले में मार्च 2023 में ओपन डिस्कशन किया गया था। इन सब प्रक्रियाओं को पूरी होने के बाद ट्राई ने मामले में सुझाव दिए हैं।

जानें कॉलर आई डी का फीचर

ट्राई ने सुझाव दिया है कि डोमेस्टिक टेलीकम्युनिकेशन नेटवर्क में कॉलर आईडी का फीचर डिफॉल्ट मिलना चाहिए। ट्राई के मुताबिक, यह एक सप्लीमेंट्री सर्विस हो सकती है, जो कस्टमर को ऑन रिक्वेस्ट उपलब्ध कराई जा सकती है। अगर प्रस्तावों को स्वीकार किया गया तो जल्द ही यूजर के पास कॉलर के नंबर के साथ नाम भी दिखेगा। नंबर लेते समय दी गई आईडी में जो नाम होगा, वहीं नंबर के साथ भी दिखाए देगा।

यूजर्स लोगों को होगा फायदा

ट्राई की ये डिफॉल्ट कॉलर आईडी शुरू होने से ट्रूकॉलर जैसी कंपनियों को नुकसान हो सकता है। इसमें भी सब्सक्रिप्शन की जरुरत होती है। ऐसे में इस सर्विस के शुरू होने से कस्टमर का मुफ्त में यह काम हो सकता है।

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