Bhagwat Katha  

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    NationalJun 8, 2021, 5:36 PM IST

    कोरोनाकाल में आध्यात्मिक गुरु रमेश भाई ओझा की ये बातें बढ़ा देंगी हौसला, वायरस से जंग जीत जाएंगे हम

    भाई श्री रमेश भाई ओझा जी ने बताया कि हम सकारात्मक रहेंगे तो किसी भी मुश्किल से जीत सकते हैं। मैदान में हम जीतने के लिए जाते हैं हारने के लिए नहीं। भगवान पर भरोसा करना होगा और अच्छे विचार सोचना होंगे। बीमारी हो भी जाए तो भी सकारात्मक रहना होगा क्यों आपकी सकारात्मकता से आधी बीमारी ठीक हो जाती है।

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    Aisa KyunMay 29, 2021, 9:17 PM IST

    कोरोनाकाल में मन के भय को कैसे जीते ? भागवत कथा वाचक संत ने दी सकारात्म रहने की सीख

    वीडियो डेस्क। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हर तरफ नकारात्मकता का माहौल बना हुआ है। रोजाना बढ़ते मामले, आसपास के लोग और प्रियजनों के संक्रमित होने की खबरों और लॉकडाउन की स्थिति ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है। कोरोना की दूसरी लहर न सिर्फ इसलिए गंभीर है क्योंकि इस बार लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं, बल्कि ऐसी विकट समस्या तब वापस लौटी जब ऐसा लगने लगा था कि अब सबकुछ ठीक हो रहा है। इस तरह की परिस्थितियों ने लोगों को कई तरह से प्रभावित किया है जिसका असर स्पष्टतौर पर लोगों में तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ेपन के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में लोगों को अपने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कोरोना से भयभीत लोग कैसे सकारात्मक रहें ? अब हमें कैसे जीवन जीना है ?  इन प्रमुख सवालों के जवाब के लिए एशियानेट न्यूज हिन्दी के संवाददाता श्रीकांत सोनी ने जाने मध्य प्रदेश के प्रसिध्द भागवत कथा वाचक  संत भक्त पं. भगवती प्रसाद जी तिवारी से। पं. भगवती प्रसाद तिवारी देवास जिले के  ग्राम संदलपुर खातेगांव के रहने वाला है।

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    Health CapsuleMay 23, 2021, 3:53 PM IST

    मृत्यु का डर दूर कर देगी स्वामी अवधेशानंद जी की ये बातें, जीत जाएंगे जंग..कोरोना कुछ नहीं कर पाएगा

    वीडियो डेस्क।  कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हर तरफ नकारात्मकता का माहौल बना हुआ है। रोजाना बढ़ते मामले, आसपास के लोग और प्रियजनों के संक्रमित होने की खबरों और लॉकडाउन की स्थिति ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है। कोरोना की दूसरी लहर न सिर्फ इसलिए गंभीर है क्योंकि इस बार लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं, बल्कि ऐसी विकट समस्या तब वापस लौटी जब ऐसा लगने लगा था कि अब सबकुछ ठीक हो रहा है। इस तरह की परिस्थितियों ने लोगों को कई तरह से प्रभावित किया है जिसका असर स्पष्टतौर पर लोगों में तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ेपन के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में लोगों को अपने शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कोरोना से भयभीत लोग कैसे सकारात्मक रहें ? अब हमें कैसे जीवन जीना है ? इस दौर में  छात्र और यंगस्टर कैसे अपना करियर बनाएं, तनाव और डिपरेशन कैसे दूर करें, सृजनात्मकता कैसे बढ़ाएं ? इन प्रमुख सवालों के जवाब के लिए एशियानेट न्यूज हिन्दी के संवाददाता श्रीकांत सोनी ने बात की जूना पीठाधीश्वर आचार्यमहामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज जी से। आचार्य जी ने बताया इस कोरोना काल में हमें कैसे जीना है। क्या काम करने हैं। मृत्यु का भय कैसे दूर हो। 

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    Madhya PradeshMar 4, 2021, 9:19 AM IST

    भागवत कथा में चोरी करने घुसीं महिलाएं, लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा और पंडाल के पीछे ले जाकर जमकर पीटा

    वीडियो डेस्क।  मध्य प्रदेश के देवास में  रानीबाग में मां दुर्गेश्वरी मंदिर परिसर में पर अचानक भगदड़ मच गई। मंदिर परिसर में भागवत कथा चल रही थी। इसी दौरान महिला चोर घुस गईं। 5 महिलाओं के चेन खींचकर भागने लगीं। लोगों ने महिलाओं को दौड़ाकर पकड़ लिया। उन्हें पंडाल के पीछे ले जाकर जमकर पीटा। इसका वीडियो वायरल हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला चोर गिरोह की सदस्यों को गिरफ्तार करके ले गई।चार दिन से मंदिर में संगीतमय भागवत कथा चल रही है। चौथे दिन भगवान कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा था। महिला श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी।

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    Aisa KyunSep 24, 2020, 12:33 PM IST

    अधिक मास में इन 4 मंत्रों का जाप करने से मिलता है संपूर्ण श्रीमद्भागवत पढ़ने का फल

    पुरुषोत्तम यानी अधिक मास में भागवत कथा सुनने का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत का पाठ किया जाए तो उसका अनंत पुण्य फल मिलता है।

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    Uttar PradeshFeb 23, 2020, 9:43 AM IST

    बहन की शादी होने पर मुस्लिम भाई ने करवाई भागवत कथा, हिंदू-मुस्लिम भी हुए शामिल

    सफीपुर के ओसिया गांव के सलामुद्दीन ने जंगलेश्वर मंदिर में बहन नगीना की शादी के लिए मन्नत मांगी थी। जिसके बाद सलामुद्दीन की बहन की शादी हो गई। सलामुद्दीन ने जंगलेश्वर मंदिर पर 9 दिन तक भागवत कथा सुनी और भंडारे का आयोजन किया।