Indian Airforce Day  

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  • 88th Airforce Day  Know about the Indian Air Force from ex wing commander  kpv
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    NationalOct 8, 2020, 2:49 PM IST

    भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच से लेकर मौसम विभाग की टीम तक, पूर्व विंग कमांडर से एयरफोर्स को समझिए

     8 अक्टूबर 1932 में भारतीय वायुसेना की स्थापना हुई थी। 2020 में इंडियन एयरफोर्स के गौरवशाली इतिहास को पूरे 88 साल हो गए हैं। 1965 का युद्ध हो या करगिल युद्ध में पाकिस्तान को पस्त करने का हौसला या फिर 2019 में हुई बालाकोट एयरस्ट्राइक। भारतीय वायुसेना की दमखम को पूरी दुनिया ने सराहा। कई युद्ध में वायुसेना की भूमिका ने युद्ध की जीत सुनिश्चित की है।  आज गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना ने 88वां स्थापना दिवस मनाया। मां भारती की रक्षा के लिए भारतीय वायु सेना का साहस, शोर्य और समर्पण हर किसी को प्रेरित करने वाला है। आइए 88 वें स्थापना दिवस पर जानते हैं कि  भारतीय वायुसेना क्या है इसके अलग -अलग विभाग के बारे। इस वीडियो में पूर्व  विंग कमांडर से  एयरफोर्स को समझिए। 

  • Indian Air Force Day : rafale to mig theses are top indian fighter jet, know its power dva

    HatkeOct 8, 2020, 10:23 AM IST

    भारत के इन लड़ाकू विमानों से डरती है दुनिया, थर थर कांपता है पाकिस्तान

    हटके डेस्क : 8 अक्टूबर को हर साल इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force Day) डे मनाया जाता है। इस बार भारतीय वायु सेना अपना 88 वां स्थापना दिवस  मना रही है। हर साल की तरह इस बार भी हिंडन बेस पर एयरफोर्स अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा। सबसे बड़ी बात ये है कि इस बार राफेल को भी शामिल किया गया है, इसे देखना काफी खास होने वाला है। राफेल के अलावा भी एयरफोर्स के पास ऐसे कई सारे लड़ाकू विमान है, जिससे पाकिस्तान तो क्या चीन भी थर - थर कांपता हैं। भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। इसके पास 900 से ज्यादा लड़ाकू और 1720 हवाई जहाज है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि वो कौन से फाइटर जेट्स भारत के पास है, जिससे हमारी सेना की ताकत दोगुनी हो जाती हैं।

  • 88th Airforce Day, know the glorious history of Indian Airforce Day kpv
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    NationalOct 8, 2020, 9:24 AM IST

    भारतीय वायुसेना: गौरवशाली इतिहास के 88 साल; इसे सुनकर हर भारतीय को होगा गर्व

    8 अक्टूबर 1932 को इंडियन एयरफोर्स की स्थापना हुई। भारतीय वायुसेना आज अपना 88वां स्थापना दिवस मना रही है। पहली बार वायुसेना ने एक अप्रैल 1933 को उड़ान भरी थी। पहला ऑपरेशन वजीरिस्तान में कबाइलियों के खिलाफ था। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान इसे विस्तार दिया गया। इस दौरान बर्मा में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। 1945 में यह रॉयल इंडियन एयर फोर्स कहलाई, लेकिन 1950 में गणराज्य बनते ही रॉयल शब्द हटा दिया गया। 88वां स्थापना दिवस पर हमने पूर्व विंग कमांडर अनुमा आचार्य से जाना हिंदुस्तान के कई जंगी विमान का गौरवशाली इतिहास। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना  के पास 1600 एयरक्राफ्ट है। साल 1965 के वॉर में  पाकिस्तानी सेबर जेट जहाजों को परास्त किया था।साल 1971 की लड़ाई में भारत की जीत का सेहरा  मिग 21 को बंधा।  साल 1980 में मिराज लड़ाकू विमान खरीदे। साल 1990 में हमने सुखोई एसयू-३० एमकेआई खरीदे। साल 1999 एयरपोर्स ने 1700 फाइटर मिशन किए। कारगिल में 2200 से ज्यादा हेलिकॉप्टर मिशन भी हुए।फाइटर एयरक्राफ्ट के अलावा एयरफोर्स ने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी खरीदे। भारतीय वायु सेना ने लगातार अपनी ताकत में इजाफा किया।अब भारत के अटैक हेलीकॉप्टर भी आ गए हैं। अब भारत की वायुसेना में सबसे जंगी जहाज़ राफेल भी हैं।

  • Sachin Tendulkar meets Pilots on Air Force Day Hindon Air Force Station Ghaziabad

    NationalOct 8, 2019, 2:45 PM IST

    फोटो : सचिन तेंदुलकर को देख ऐसे खुश हुए वायु सेना के पायलट, फोन निकाला और लेने लगे सेल्फी

    गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की 87 वीं वर्षगांठ के जश्न में शामिल होने विश्व के दिग्गज क्रिकेटर और मानद ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर पहुंचे। यहां उन्होंने वायु सेना की परेड देखी और पायलट्स के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। उन तस्वीरों को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की। 

  • Sachin Tendulkar arrives at Hindon Air Force Station in Ghaziabad on Indian Air Force Day

    NationalOct 8, 2019, 1:12 PM IST

    वीडियो : जब लड़ाकू विमानों की गरजती आवाजों के बीच गूंजा.. 'ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर"

    मंगलवार को गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की 87 वीं वर्षगांठ के जश्न में शामिल होने विश्व के दिग्गज क्रिकेटर और मानद ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर पहुंचे।

  • Indian Air Force Day Lieutenant Dilip Parulkar escaped jail in Pakistan

    NationalOct 7, 2019, 3:07 PM IST

    चाकू, कैंची की मदद से पाकिस्तान की जेल से भाग निकला था यह भारतीय पायलट, ऐसी है उस वीर की कहानी

    "जंग तब तक खत्म नहीं होती, जब तक आप घर वापस नहीं आ जाते..." यह शब्द फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिलीप पारुलकर के हैं, जिन्हें 1971 में युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने बंदी बना लिया था। उनके साथ 15 और भारतीय पायलट थी, जिन्हें बंदी बनाकर रावलपिंडी के पास एक शिविर में रखा गया था।