CHAT GPT गूगल से भी आगे? जानें क्यों खतरनाक हो सकती हैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी ऐसी तकनीक

| Mar 17 2023, 01:30 PM IST

CHAT GPT AI DANGERS

सार

दुनिया के कई टेक गुरू कहते हैं मशीनें हो या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चीज, अगर ये पूरी तरह इंसानों जैसे सोचने लगीं तो कयामत आ जाएगी।

ट्रेंडिंग डेस्क. Chat GPT जैसे पावरफुल चैट बॉट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसने गूगल मैनेजमेंट तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इतना ताकतवर चैट बॉट पहले कभी नहीं देखा गया, लेकिन जितने इसके फायदे हैं उतने खतरे भी।

Chat Gpt के पास हर चीज का जवाब

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ChatGPT एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल है जो प्री-लर्निंग पर काम करता है। इसका लर्निंग एल्गोरिदम इतना ज्यादा ताकतवर है कि ये किसी भी विषय पर आपको इतना सटीक जवाब दे सकता है कि आप दंग रह जाएंगे। इसकी लोकप्रियता बढ़ने का सबसे बड़ा कारण यही है। आप क्या करना चाहते हैं, किसी चीज को कैसे किया जाता है, यहां तक कि आप अगर चैट बॉट से एक स्पीच लिखने को कहेंगे तो वह यह भी कर देता है। जानकार कहते हैं कि इससे भविष्य में लोगों की नौकरियों पर खतरा मंडराने लगेगा क्योंकि सबकुछ चैट जीपीटी ही कर देत है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कयामत ला सकती है

इसे लेकर ट्विटर के ओनर एलन मस्क ने कहा अगर सारे काम चैट जीपीटी ही कर देगा तो इंसान क्या करेंगे? वहीं दुनिया के कई टेक गुरू कहते हैं मशीनें हो या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चीज, अगर ये पूरी तरह इंसानों जैसे सोचने लगीं तो कयामत आ जाएगी। फिल्म टर्मिनेटर का उदाहरण देते हुए यह भी कहा गया कि रोबॉट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों को नियंत्रत करके इस्तेमाल किया जाना चाहिए वरना इंसानों के लिए ये खतरा बन सकती हैं।

गूगल में बजी खतरे की घंटी

महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग ने अपनी मौत से दो साल पहले कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कहा था कि Artificial Intelligence मानवता का या तो सबसे अच्छा आविष्कार साबित होगा या सबसे बुरा। ये तकनीक मानव जीवन के अंत का कारण भी बन सकती है। यही वजह है कि AI बेस्ड चैट जीपीटी ने पूरी दुनिया को हिला कर रखा दिया। गूगल ने तो खुद इसे अपने लिए खतरा मान लिया है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है गूगल मैनेजमेंट ने इसके लिए कोड रेड भी जारी कर दिया है, क्योंकि कहा जा रहा है कि यह कई मामलों में गूगल से बेहतर जवाब देता है।

गलत फैक्ट्स बता सकता है CHAT GPT

चैट जीपीटी एक प्री ट्रेन सॉफ्टवेयर है जो गूगल रिजल्ट से कुछ अलग तरीके से जवाब पेश करता है, जैसे ये आपसे बात कर रहा हो। हालांकि, ये जो फैक्ट्स उठाता है वह कई सर्च इंजन व लर्निंग मॉडल्स से लिए गए होते हैं। ऐसे में इसके द्वारा बताए गए फैक्ट गलत हो सकते हैं। ऐसे में आंख बंद करके इस टूल पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस बॉट से माइक्रोसॉफ्ट के क्वार्टरली प्रॉफिट पर रिपोर्ट लिखने को कहा गया, इसने तुरंत एक शानदार रिपोर्ट तैयार भी कर दी और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का एक कोट भी शामिल कर दिया। हालांकि, जो कोट उसमें शामिल किया गया वो फेक था, लेकिन अनजान व्यक्ति असली भी मान सकता था।

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