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बच्चों में कोविड-19 के लक्षण की कैसे करें पहचान और यहां जानें क्या घर पर ही कर सकते हैं इसका इलाज?

कोरोना वायरस की दूसरी लहर खत्म होने की पीक पर है। बीते कुछ दिनों से 3 लाख या उससे कम संक्रमण के मामले देखने के लिए मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटे में कोविड के 2.67 लाख नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स दूसरी लहर के बाद अब कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिए खतरनाक बता रहे हैं। 

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New Delhi, First Published May 19, 2021, 12:38 PM IST
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर खत्म होने की पीक पर है। बीते कुछ दिनों से 3 लाख या उससे कम संक्रमण के मामले देखने के लिए मिल रहे हैं। पिछले 24 घंटे में कोविड के 2.67 लाख नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स दूसरी लहर के बाद अब कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिए खतरनाक बता रहे हैं। ऐसे में इससे पहले ही आपको बच्चों में इसके लक्षण की पहचान करने का तरीका और घर में आप इसका इलाज कर सकते हैं या नहीं ये सबकुछ आपको बता रहे हैं। आइए जानते हैं...

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स में बिना लक्षण वाले कोरोना मरीज और लक्षण वाले पेशेंट का इलाज घर में कैसे किया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों में कोविड-19 के लक्षण के बारे में भी बताया गया है। इन लक्षणों से की जा सकती है बच्चों में कोरोना की पहचान:- 

- बुखार 
-खांसी
-सांस की तकलीफ
-थकान
-गले में खरास
-दस्त
-राइनोरिया
-गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल
-सूंघने की क्षमता को खोना

रिपोर्ट्स की मानें तो इसके अलावा बच्चों में एक नया लक्षण मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम देखने के लिए मिला है। इसमें बच्चों को लगातार बुखार आता है और उनका तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होता है। 

बिना लक्षण वाले कोरोना की कैसे करें पहचान? 

बच्चों में बिना लक्षण के कोरोना की पहचान करने का तरीका ये हो सकता है कि अगर घर कोई सदस्य पॉजिटिव है तो बच्चों में भी इसकी पहचान की जा सकती है। ऐसे में बच्चे पर नजर रखने की जरूरत होती है और इसे गंभीरता से लेकर इसका तत्काल इलाज शुरू कर देने की जरूरत होती है। 

जब हल्का संक्रमण हो तो कैसे करें इसका इलाज

बुखार- पैरासीटामोल की 10-15 mg/kg हर डोज दिन में 4-6 घंटे में देते रहें।
खांसी- गर्म पानी से गरारे करवाना 
डाइट- हाइड्रेशन कमी को दूर करने वाले और पोषक मिलने वाले खाने को ही खाएं।

जन्मजात ह्रदय रोग, फेफड़े का पुराना रोग और मोटापा जैसी स्थितियों में डॉक्टर की निगरानी में इनका इलाज किया जा सकता है। आपातकाल के लिए पैरेंट्स को स्पेशलिस्ट से ट्रीटमेंट की अन्य जानकारी लेनी चाहिए।   

18 से कम उम्र के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के ट्रायल की मिली परमिशन 

13 मई को भारत के ड्रग रेगुलेटरी ने भारत बायोटेक को 2-18 साल की उम्र के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के ट्रायल की परमिशन दे दी थी। ये भारत में नाबालिगों में ट्रायल किया जाने वाला पहला कोरोना वायरस टीका साबित हो सकता है।

Asianet News का विनम्र अनुरोधः आईए साथ मिलकर कोरोना को हराएं, जिंदगी को जिताएं...जब भी घर से बाहर निकलें मास्क जरूर पहनें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वैक्सीन लगवाएं। हमसब मिलकर कोरोना के खिलाफ जंग जीतेंगे और कोविड चेन को तोडेंगे। #ANCares #IndiaFightsCorona

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