अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की पटकथा साल 2016 अवध विश्वविद्यालय के वीसी आचार्य मनोज दीक्षित ने लिखी थी

अयोध्या( Uttar Pradesh ). आज अयोध्या में दीपोत्सव मनाया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। अयोध्या में लगभग 5 लाख दीये जलाए जाएंगे। लेकिन इन सब के साथ जो सबसे बड़ा सवाल आता है वो ये कि आखिर अयोध्या में इतने भव्यता से मनाए जाने वाले इस दीपोत्सव की पटकथा लिखी किसने थी। इसके लिए hindi.asianetnews.com ने अवध विश्वविद्यालय के दृश्यकला विभाग के कोआर्डिनेटर प्रो.विनोद कुमार श्रीवास्तव व ग्रीन समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह से बात की। बातचीत के दौरान उन्होंने अयोध्या में अयोध्या में मनाए जा रहे इस भव्य दीपोत्सव के बारे में जानकारी दी।

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राम की नगरी अयोध्या दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए सजधज कर तैयार है। राम के वनवास से लौटने की खुशी में प्रतीक के तौर पर शहर में लगभग साढ़े पांच लाख दीप जलाए जाएंगे। अकेले राम की पैड़ी पर लगभग 4 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। बाकी दीप शहर के अन्य हिस्सों में जलाए जाएंगे। आज हम आपको बताएंगे इस दीपोत्सव की थीम आखिर कैसे तैयार हुई। 

2016 में लिखी गयी थी दीपोत्सव की पटकथा
अवध विश्वविद्यालय के ग्रीन समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि "इस दीपोत्सव की पटकथा सबसे पहले वर्तमान में अवध विश्वविद्यालय के वीसी आचार्य मनोज दीक्षित ने तैयार किया था। आचार्य मनोज दीक्षित उस समय लखनऊ विश्वविद्यालय में तैनात थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने उन्होंने इस प्लानिंग को रखा था।"

एक स्वयं सेवी संस्था से जुड़े थे आचार्य मनोज दीक्षित 
ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि "आचार्य मनोज दीक्षित लखनऊ विश्विद्यालय में थे उस समय से यहां की एक संस्था अवध बालक सरयू सेवा समिति से जुड़े हुए थे। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने अयोध्या में दीपोत्सव मनाने की कल्पना की। उस समय तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव के पास उन्होंने इस योजना को रखा। अखिलेश यादव ने इसे मंजूरी भी दे दी। लेकिन फैजाबाद के एक सपा नेता के कारण उस समय दीपोत्सव नहीं हो सका। 

अवध विश्वविद्यालय के वीसी होने के बाद पूरा हुआ भव्य दीपोत्सव का सपना 
अवध विश्वविद्यालय के ग्रीन समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने बताया "साल 2017 में जब वीसी आचार्य मनोज दीक्षित ने दीपोत्सव की भव्यता को लेकर प्रोजेक्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपा तो वह बहुत खुश हुए , उन्होंने इस पर अपनी रजामंदी दे दी। जिसके बाद 2017 में हमने दीपोत्सव कार्यक्रम किया। लेकिन यह इतना भव्य नहीं हो सका कि उसे गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में जगह मिल सके। 2018 में इस पर खुद सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने संज्ञान लिया। उन्होंने इसे भव्य बनाने के लिए हरसम्भव मदद का आश्वासन भी दिया। जिसके बाद 2018 में भव्य दीपोत्सव हुआ और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जगह मिली। 

अब मिला राज्य मेले का दर्जा 
अवध विश्वविद्यालय के दृश्यकला विभाग के कोआर्डिनेटर प्रो.विनोद कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक सरकार भी इस दीपोत्सव में काफी सहयोग कर रही है। इसे राज्य मेले का दर्जा भी दे दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 133 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है।राम की पैड़ी के पास घाटों का सौंदर्यीकरण भी कराया गया है। फ्लैट फर्श ओर दीयों की रोशनी निश्चित ही सुंदरता में चार चाँद लगाएगी।