उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले हर पार्टियां ये दावा जरूर करती हैं कि वो किसी दागी कैंडिडेट को टिकट नहीं देंगी। लेकिन जैसे ही चुनाव का बिगुल बजता है, वैसे ही सारे दावे फेल हो जाते हैं। लेकिन गोरखपुर जिले में खजनी विधानसभा ऐसी सीट है, जहां पर चुनाव लड़ने वाले कैंडिडेट्स पर एक भी मुकदमा नहीं है।

अनुराग पाण्डेय

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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले हर पार्टियां ये दावा जरूर करती हैं कि वो किसी दागी कैंडिडेट को टिकट नहीं देंगी। लेकिन जैसे ही चुनाव का बिगुल बजता है, वैसे ही सारे दावे फेल हो जाते हैं। लेकिन गोरखपुर जिले में खजनी विधानसभा ऐसी सीट है, जहां पर चुनाव लड़ने वाले कैंडिडेट्स पर एक भी मुकदमा नहीं है। यहां सभी कैंडिडेट पाक साफ हैं। सबसे बड़ी बात है कि यहां 33 फीसदी महिलाएं भी मैदान में हैं और विपक्षी प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दे रही हैं।

गोरखपुर जिले की नौ विधानसभा सीटों पर कुल 109 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। गोरखपुर ग्रामीण में सबसे अधिक 15 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सबसे कम 9-9 प्रत्याशी बांसगांव और चिल्लूपार विधानसभा सीटों पर हैं। खजनी में 10 और पिपराइच विधानसभा सीट पर 14 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। वहीं शहर सीट के साथ ही कैम्पियरगंज, सहजनवा और चौरीचौरा में 13-13 प्रत्याशी विरोधियों को चुनौती दे रहे हैं। 

खजनी सीट पर 10 प्रत्याशी ठोक रहे ताल
खजनी की सीट पर 10 प्रत्याशियों में तीन महिलाएं हैं। यहां से समाजवादी पार्टी ने रूपावती बेलदार को प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने रजनी देवी को मैदान में उतारा है। इनके अलावा बहुजन मुक्ति मोर्चा ने अमिता पर दांव लगाया है। इस विधानसभा चुनाव में खजनी विधानसभा सीट पर तकरीबन 33 फीसदी महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं और विरोधी प्रत्याशियों को चुनौती दे रही हैं। यह विधानसभा सीट इसलिए सबसे खास बन गई है कि पुलिस रिकार्ड इस बात की गवाही दे रहा है कि अभी तक यहां से चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

भाजपा ने काटा विधायक का टिकट
खजनी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने इस विधानसभा चुनाव में अपने विधायक संत प्रसाद का टिकट काट दिया है। उनकी जगह श्रीराम चौहान को प्रत्याशी बनाया है। खजनी सीट से समाजवादी पार्टी ने रूपावती बेलदार को दूसरी बार प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा के ही टिकट पर रूपावती ने चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। खजनी विधान सभा सीट पर कांग्रेस ने रजनी देवी को मैदान में उतारा है। वहीं बहुजन मुक्ति मोर्चा से अमिता चुनाव लड़ रही हैं। रजनी पहली बार चुनाव मैदान में हैं।

खलीबाद के नेता को खजनी से टिकट
श्रीराम चौहान अभी तक खलीलाबाद और बस्ती क्षेत्र से चुनाव लड़ते रहे हैं। इस बार खजनी से उन्हें भाजपा से टिकट मिला है। श्रीराम चौहान तीन बार विधायक रह चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपना सामाजिक जीवन आरंभ करने वाले श्रीराम चौहान तीन बार विधायक रहे हैं। इसके अलावा वे तीन बार बस्ती लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि अटल सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री रहे श्रीराम चौहान को वरिष्ठता और समर्पण का इनाम मिला है।

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