करीब पांच छह साल पहले खरीफ की फसलों पर टिड्डी ने हमला कर दिया था। किसानों ने इस पर नियंत्रण करने के जो भी उपाय किए थे, लेकिन सब बेअसर रहे थे। 

मथुरा (Uttar Pradesh) । पाकिस्तान से एक नई मुसीबत आ रही है। ये मुसीबत टिड्डी है, जो पाकिस्तान में फसलों को चट करने के बाद तेजी से भारत की तरफ बढ़ रही है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान प्रांत में होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकती है। इसके प्रवेश को रोकने के लिए कृषि विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। बार्डर के ग्रामीण इलाकों में विभागीय अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।

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करीब 6 साल पहले किया था हमला
करीब पांच छह साल पहले खरीफ की फसलों पर टिड्डी ने हमला कर दिया था। किसानों ने इस पर नियंत्रण करने के जो भी उपाय किए थे, लेकिन सब बेअसर रहे थे। 

प्रमुख सचिव ने किया आगाह
मथुरा के डीडी एजी धुरेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि प्रमुख सचिव ने पाकिस्तान में प्रकोप के बाद पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में टिड्डी के दल आने को लेकर आगाह किया है। कृषि विभाग के अधिकारियों अलर्ट कर दिया गया है। सहायक कृषि रक्षा अधिकारी मथुरा, गोवर्धन, फरह, छाता और नंदगांव क्षेत्र में किसानों को जागरुक करने के लिए तैनात कर दिया गया है। नोडल अधिकारी लगातार किसानों को जागरुक कर रहे हैं।

यहां दिख रहा प्रभाव
हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। हरियाणा और राजस्थान की सीमा से सटे जिले के मथुरा, गोवर्धन, फरह, छाता और नंदगांव ब्लाक के गांवों से टिड्डी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकती है। प्रमुख सचिव कृषि ने विभागीय अधिकारियों को अलर्ट कर गया है। टिड्डी पत्तों वाली फसलों को खाने के साथ-साथ पेड़ पौधों की पत्तियों तक को खा जाएगी।

ऐसे कर सकते हैं नियंत्रित
कृषि विभाग ने किसानों को आगाह किया है कि जैसे ही टिड्डी के दल दिखाई दें, तो किसान ड्रम बजाना शुरू कर दें। ड्रम की आवाज सुनकर टिड्डी के दल वापस लौट जा जाएंगे। क्लोरोपॉयरीफॉस और साइपरमैथ्रीन 250 मिली प्रति एकड़ की दर से मिलाकर फसलों पर बुरकाव करें। फैलवैनरेट तीन से पांच किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से स्प्रे कर दें, इसकी गंध से टिड्डी भाग जाएगी।