Education

कौन है IAS पूजा खेडकर, VIP डिमांड, लाल-नीली बत्ती बवाल के बाद ट्रांसफर

Image credits: social media

आईएएस ऑफिसर पूजा खेडकर कौन है? चर्चा में क्यों

पूजा खेडकर महाराष्ट्र की ट्रेनी आईएएस ऑफिसर हैं। यह आईएएस अपनी ऐसी VIP मांगों को लेकर चर्चा में आ गई हैं जो किसी ट्रेनी आईएएस को नहीं दिया जा सकता है।

Image credits: social media

IAS पूजा खेडकर की मां सरपंच, पिता रिटायर्ड ऑफिसर

IAS पूजा खेडकर एमपीसीबी सेवानिवृत्त अधिकारी दिलीप राव खेडकर की बेटी हैं। दादा भी सिविल सर्विस में थे। पूजा की मां अहमदनगर जिले के पाथर्डी तालुका के भालगांव की सरपंच हैं।

Image credits: social media

शिकायत मिलने के बाद ट्रांसफर

2022 बैच की ट्रेनी IAS पूजा खेडकर के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद अब प्रशासन ने उनका ट्रांसफर पुणे जिला कलेक्टर ऑफिस से वाशिम कर दिया है।

Image credits: social media

निजी कार में लगाई लाल, नीली बत्ती

पूजा खेडकर के खिलाफ शिकायत थी कि उनकी निजी कार ऑडी ए 4 में लाल और नीली बत्ती और महाराष्ट्र सरकार का प्रतीक चिन्ह लगाया गया था। इसका वीडियो भी वायरल हो गया।

Image credits: social media

पूजा खेडकर यूपीएससी रैंक 821

पूजा खेडकर पीडब्ल्यूडी कैटेगरी से आईएएस बनीं। उन्हें यूपीएससी परीक्षा 2022 में 821वीं रैंक मिली थी। उन्हें पुणे में सहायक कलेक्टर के पद पर तैनाती मिली थी।

Image credits: social media

अलग केबिन, कार की डिमांड

ट्रेनी के रूप में ड्यूटी जॉइन करने से पहले ही पूजा खेडकर ने अलग केबिन, कार, क्वार्टर और एक चपरासी मुहैया कराने की डिमांड की। हालांकि उन्हें ये सुविधाएं देने से मना कर दिया गया था।

Image credits: social media

पूजा खेडकर का विवादों से पुराना नाता

पूजा खेडकर का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले 2 फरवरी, 2022 को नियुक्ति मामले में उन्होंने कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि वह दृष्टिहीन और मानसिक रूप से बीमार हैं।

Image credits: social media

मेडिकल जांच के आदेश लेकिन नहीं कराया टेस्ट

मामले में कोर्ट ने जुलाई से सितंबर 2022 के बीच 4 बार पूजा खेडकर की मेडिकल जांच निर्धारित की। लेकिन वह चारों बार उपस्थित नहीं हुईं। इस वजह ट्राइब्यूनल कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी।

Image credits: social media

पूजा खेडकर की नियुक्ति को ऐसे मिली मंजूरी​

2023 में पूजा ने विकलांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत एक और हलफनामा दिया और उसके बाद उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिली।

Image credits: social media