नीतीश कुमार के फैसले: बिहार में महिलाओं और समाज में बड़ा बदलाव
News Mar 06 2026
Author: Akshansh Kulshreshtha Image Credits:Getty
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पंचायतों में 50% आरक्षण से राजनीति में बढ़ीं महिलाएं
बिहार में त्रिस्तरीय पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने का फैसला ऐतिहासिक माना गया। इसके बाद गांव से लेकर शहर तक राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी।
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आज स्थानीय निकायों में 55% तक पहुंची महिलाओं की भागीदारी
बिहार में पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं की भागीदारी 55 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। इस मॉडल की सफलता के बाद कई अन्य राज्यों ने भी महिलाओं को ज्यादा आरक्षण देने का रास्ता अपनाया।
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पुलिस और सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को मिला आरक्षण
वर्ष 2013 में बिहार पुलिस में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण लागू किया गया। इसके अलावा 2016 से सभी सरकारी सेवाओं में भी महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है।
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‘जीविका दीदी’ से ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार
जीविका योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया। आज बिहार में 1.40 करोड़ से अधिक महिलाएं ‘जीविका दीदी’ के रूप में काम कर रही हैं।
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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मिली आर्थिक मदद
2025 में शुरू हुई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। जरूरत पड़ने पर 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त मदद का प्रावधान है।
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शराबबंदी और सामाजिक अभियानों से बदलाव का दावा
2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई। सरकार का दावा है कि इससे घरेलू हिंसा में कमी आई। साथ ही बाल विवाह और दहेज के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान भी चलाया गया।
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20 साल में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू हुईं
पंचायत आरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाओं के जरिए बिहार में महिलाओं को मजबूत बनाने की कोशिश की गई। सरकार का दावा है कि इससे सामाजिक बदलाव आया है।