पटना की गलियों से बिजनेस शुरू कर लंदन तक एम्पायर फैला चुके वेदांता ग्रुप के मालिक अनिल अग्रवाल पर सबसे बड़ा दुखों का पहड़ा टूटा है। उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल की मौत हो गई।
3 जून, 1976 को बिहार के पटना में जन्में अग्रवेश अग्रवाल ने अपने दादा-परदादा के जन्म स्थान यानि राजस्थान के अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई पूरी की थी। बाद में मुंबई से BBA कोर्स किया।
ग्रेजुएट होने के बाद ही अग्निवेश ने पिता के बिजनेस में एंट्री कर ली थी। वह हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन बनाए गए। इस दौरान उन्होंने हिंदुस्तान जिंक को विश्व की टॉप कंपनी बनाई।
अग्रिवेश वेदांता से जुड़ी पावर कंपनी के बोर्ड में भी शामिल थे। इसके अलावा वह मद्रास एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर रहे। फिर स्टरलाइट एनर्जी लिमिटेड के निदेशक भी बनाए गए।
अग्निवेश की पत्नी पूजा बांगुर हैं, उनके ससुर पश्चिम बंगाल के सबसे अमीर कारोबारी हरि मोहन बांगुर हैं, जो श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
अग्निवश बाखूबी अपने पिता के कारोबार को आगे बढ़ा रहे थे। उनके पिता ने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया। जिसमं गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता थी।
अग्निवेश अग्रवाल ने बिजनेस में अपनी अलग पहचान बनाई थी।'Fujairah Gold' जैसी कंपनी खड़ी की थी। पिता कहते हैं अग्निवेश का सपना था देश में कोई बच्चा भूखा न सोए और सभी को रोजगार मिले।