पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान शादी धमाके में मारा गया नूर आलम उर्फ जिगरी महसूद कौन था? TTP प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद का करीबी, शांति समिति प्रमुख और आत्मघाती हमले की पूरी कहानी।
खैबर पख्तूनख्वा में एक शादी समारोह उस वक्त दहशत में बदल गया, जब नाचते-गाते मेहमानों के बीच आत्मघाती धमाका हुआ। यह हमला डेरा इस्माइल खान के कुरैशी मोड़ इलाके में हुआ।
इस आत्मघाती हमले का मुख्य निशाना नूर आलम उर्फ जिगरी महसूद था। वह स्थानीय शांति समिति का प्रमुख और कभी TTP के पूर्व प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद का बेहद करीबी माना जाता था।
जिगरी महसूद पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का सीनियर कमांडर था। 2015-16 में ज़र्ब-ए-अज़ब ऑपरेशन के बाद उसने TTP छोड़ सरकार समर्थित शांति समिति बनाकर तालिबान के खिलाफ काम करने लगा।
सूत्रों के मुताबिक, जिगरी महसूद TTP की हिट लिस्ट में लंबे समय से था। वह कथित तौर पर तालिबान समर्थकों को पकड़कर सुरक्षा एजेंसियों को सौंपता था। इसी वजह से उसे गद्दार माना जा रहा था।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिखता है कि लोग ढोल की थाप पर पारंपरिक अट्टान डांस कर रहे थे। तभी जोरदार धमाका हुआ, छत गिर गई और अफरा-तफरी मच गई। कई लोग मलबे में दब गए।
इस आत्मघाती धमाके में 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें जिगरी महसूद भी शामिल है। 10 गंभीर रूप से घायल हैं। सभी को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर है।
हालांकि अब तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई TTP की ओर है। ये हमला तालिबान की अंदरूनी गुटबाजी और पुराने दुश्मनों से बदले का हिस्सा हो सकता है।
अगर इस हमले के पीछे TTP की पुष्टि होती है, तो यह 2022 के बाद आत्मघाती हमलों के पैटर्न में बड़ा संकेत माना जाएगा। सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान में निजी समारोह भी सुरक्षित नहीं?