हिंदू परिवारों में रोज अनेक परंपराएं निभाई जाती हैं। इनमें से गाय को रोटी देना भी एक है। भोजन की पहली रोटी गाय को देने की परंपरा काफी पुरानी है। इसके कईं कारण हैं।
एक कथा के अनुसार, गायों की उत्पत्ति कामधेनु गाय से हुई है, जो समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। इसलिए इन्हें इतना पवित्र माना जाता है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है।
गाय के शरीर में सभी देवी-देवताओं का वास माना गया है। महाभारत के अनुसार गाय को गोबर और मूत्र में देवी लक्ष्मी वास करती हैं, इसलिए इन चीजों का उपयोग पूजा-पाठ में होता है।
गाय का दूध अन्य किसी के भी दूध से बहुत पौष्टिक और गुणकारी होता है। यहां तक कि गाय के मूत्र में भी कईं औषधीय गुण होते हैं, जिससे अनेक बीमारियों का उपचार संभव है।
एक मान्यता ये भी है कि मृत्यु के पश्चात आत्मा गाय की पूंछ पकड़कर ही वैतरणी नदी को पार करती है। गाय से जुड़ी इतनी मान्यताओं के चलते ही पहली रोटी गाय को देने की परंपरा शुरू की गई।
ऐसा कहते हैं कि जिस घर में पहली रोटी गाय को दी जाती है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है और जिस घर से गाय भूखी लौट जाती है वहां हमेशा गरीबी बनी रहती है।