हमारे देश में भगवान शिव की कईं विशाल प्रतिमाएं हैं इनमें से एक तो कुतुब मीनार से भी ऊंची है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर जानें महादेव की विशाल प्रतिमाओं के बारे में…
भगवान शिव की सबसे ऊंची प्रतिमा राजस्थान के नाथद्वारा में है। इसकी ऊंचाई 351 फीट है, जबकि कुतुब मीनार की 240 फीट है। इस हिसाब से कुतब मीनार भी इस शिव प्रतिमा के आगे बौना है।
दक्षिण भारत के ओडिशा के भंजनगर में भगवान शिव की 61 फीट ऊंची शिव प्रतिमा है। इसे चंद्रशेखर महादेव कहते हैं। इसकी स्थापना 6 मार्च 2013 को की गई थी।
कर्नाटक के बीजापुर में भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई करीब 85 फीट है। सफेद रंग की ये प्रतिमा देखने में बहुत सुंदर है। इसकी स्थापना साल 2006 में की गई थी।
उत्तराखंड के हरिद्वार में भी महादेव की एक विशाल प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई लगभग 100 फीट है। ये प्रतिमा हर की पौड़ी के निकट स्थापित है, जिसे देखने दूर-दूर से लोग यहां आते हैं।
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के कचनार शहर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई लगभग 76 फीट है। इस प्रतिमा के पास ही 12 ज्योतिर्लिगों की प्रतिकृति भी बनी हुई है।
भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भक्तापुर नाम का स्थान है, यहां भगवान शिव की 143 फीट ऊंची प्रतिमा है, जिसे कैलाशनाथ महादेव के नाम से जाना जाता है। इसकी लागत 11 करोड़ है।
भगवान शिव की पद्मासन में बैठी प्रतिमा बेंगलुरु के कैम्प फोर्ट एरिया में स्थापित है। इसकी ऊंचाई 65 फीट है। इसकी स्थापना 1995 में की गई थी।
भगवान शिव की एक विशाल प्रतिमा अरब सागर के निकट भी है। ये कर्नाटक के मुरुदेश्वरा में स्थापित है। इसकी ऊंचाई लगभग 124 फीट है। ये प्रतिमा बैठी हुई अवस्था में है।
गुजरात के दारुकवन में नागेश्वर मंदिर परिसर में भी महादेव की एक विशाल प्रतिमा है। इसकी ऊंचाई 82 फीट और चौड़ाई 25 फीट के लगभग है। नागेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
भारत के पूर्वत्तोर राज्य सिक्किम के नामची शहर की पड़ाड़ी पर महादेव की 108 फीट ऊंची प्रतिमा है। इसे सिद्धेश्वर धाम और किरातेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।