हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। एक साल में 4 नवरात्रि मनाई जाती है, इनमें से 2 प्रकट और 2 गुप्त नवरात्रि होती है। हिंदू नववर्ष की शुरूआत ही चैत्र नवरात्रि से होती है।
चैत्र मास में आने के कारण इसे चैत्र नवरात्रि और वसंत ऋतु में आने से वासंती नवरात्रि भी कहते हैं। इन 9 दिनों में रोज देवी दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा करने का विधान है।
पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च, शनिवार की शाम 04:27 से शुरू होगी, जो 30 मार्च, रविवार की दोपहर 12:49 तक रहेगी।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, चैत्र मास की प्रतिपदा का सूर्योदय 30 मार्च को होगा, इसलिए इसी दिन से चैत्र नवरात्रि की शुरूआत होगी और कलश स्थापना की जाएगी।
इस बार चैत्र नवरात्रि 9 दिनों की न होकर 8 दिनों की रहेगी, ऐसा पंचमी तिथि के क्षय होने से होगा। चैत्र नवरात्रि का पर्व 30 मार्च, रविवार से शुरू होकर 6 अप्रैल, रविवार तक मनाया जाएगा।
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी 30 मार्च, रविवार से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2082 शुरू होगा। इसी दिन गुड़ी पड़वा, उगादि, बिहू, चेटीचंड आदि पर्व-त्योहार भी मनाएं जाएंगे।