भारत के बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तान को नसीहत दी है। अमेरिका ने कहा कि पाक को आतंकी गतिविधियों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल होने से रोकना होगा। हाफिज सईद समेत लश्कर के टॉप कमांडर पर कार्रवाई करनी चाहिए। 

वॉशिंगटन. भारत के बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तान को नसीहत दी है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की काली सूची में पाकिस्तान को रखने के फैसले से पहले अमेरिका ने कहा कि पाक को आतंकी गतिविधियों के लिए अपनी धरती का इस्तेमाल होने से रोकना होगा। साथ ही उसे मुंबई हमलों के मास्टमाइंड हाफिज सईद समेत लश्कर ए तैयबा के टॉप कमांडर पर कार्रवाई करनी चाहिए। 

अमेरिका की दक्षिण व मध्य एशिया मामलों की सहायक मंत्री एलिस वेल्स ने पाकिस्तान में लश्कर ए तैयबा के चार आतंकियों की गिरफ्तारी के फैसला का भी समर्थन किया। पाकिस्तान के प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को लश्कर के चार नेताओं को टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। 

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आतंकियों को गिरफ्तार कर छोड़ने का है पाक का इतिहास
वेल्स ने ट्वीट किया, ''जैसा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान को अपने अच्छे भविष्य के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए होने से रोकना होगा। हम लश्कर के चार नेताओं की गिरफ्तारी के फैसले का स्वागत करते हैं। लश्कर द्वारा किए गए हमलों में पीड़ित लोग हाफिज सईद समेत लश्कर के तमाम नेताओं पर मुकदमा चलता देखना चाहते हैं।'' हालांकि, पाकिस्तान का आतंकियों को गिरफ्तार करने और छोड़ने का लंबा इतिहास रहा है। 

पाक को ब्लैक लिस्ट में शामिल होने का डर सता रहा
पाकिस्तान को पिछले साल जून में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में रखा गया था। पाकिस्तान को अब ब्लैक लिस्ट में शामिल होने का डर सता रहा है। पाकिस्तान के साथ नॉर्थ कोरिया को भी इस लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। 

वेल्स ने पिछले महीने पाकिस्तान से सईद, अजहर महमूद जैसे आतंकियों पर कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव इस्लामाबाद की गंभीरता पर निर्भर करता है, जो लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रहा है।