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ताइवान से तनाव के बीच चीन ने अपनी आर्मी को दिए तैयार रहने के आदेश, जानें क्या बोले शी जिनपिंग

ताइवान से चल रहे तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को युद्ध के लिए तैयार रहने के आदेश दिए हैं। 69 साल के जिनपिंग ने चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने अस्थिरता का खतरा बढ़ने की बात कहते हुए जंग लड़ने और सेना की क्षमता बढ़ाने की बात कही।

Amidst tension with Taiwan, Chinese President Xi Jinping ordered its army to be ready kpg
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First Published Nov 10, 2022, 11:11 AM IST

Xi Jinping on Chinese Army: पड़ोसी देश ताइवान से चल रहे तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को युद्ध के लिए तैयार रहने के आदेश दिए हैं। 69 साल के जिनपिंग ने चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के सामने अस्थिरता का खतरा बढ़ने की बात कहते हुए जंग लड़ने और सेना की क्षमता बढ़ाने की बात कही। हालांकि, जिनपिंग ने अपनी बात में किसी देश का नाम नहीं लिया है। लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा ताइवान की ओर है। साथी ही वो अमेरिका को भी चेताना चाहते हैं। 

पूरी सेना युद्ध के लिए तैयार रहे : 
चीन की एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग मंगलवार को बीजिंग में केंद्रीय सैन्य आयोग (CMS) के संयुक्त अभियान कमान सेंटर का दौरा करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सैनिकों से मुलाकात की। 20 लाख सैनिकों वाली दुनिया की सबसे बड़ी आर्मी को संबोधित करते हुए जिनपिंग ने कहा- चीन राष्ट्रीय सुरक्षा, बढ़ती अस्थिरता और अनिश्चितता का सामना कर रहा है, जिसके चलते मिलिट्री का टास्क काफी कठिन हो गया है। पूरी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें लड़ने और जीतने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में अपनी सारी मेहनत लगानी है।     

2027 तक PLA को विश्वस्तरीय सेना बनाना लक्ष्य : 
जिनपिंग ने सेना को राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने के साथ ही पार्टी और लोगों द्वारा सौंपे गए विभिन्न कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलिट्री लीडरशिप को पीएलए के लक्ष्य को हासिल करने पर फोकस करना चाहिए। 2027 तक पीएलए को विश्व स्तरीय सेना बनाना हमारा लक्ष्य है। 

3 महीने पहले बढ़ा चीन-ताइवान में तनाव : 
अगस्त, 2022 में अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी ताइवान यात्रा पर पहुंची थीं। पेलोसी की इस यात्रा को चीन ने अपनी संप्रभुता के लिए एक चुनौती के रूप में लिया और इसके बाद उसने ताइवान के आसपास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया था।  बता दें कि चीन का मानना है कि ताइवान उसका ही एक प्रांत है और वो जल्द उसे अपने में शामिल कर लेगा। वहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी देश ताइवान को एक आजाद देश मानते हैं।

तीन महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं जिनपिंग : 
बता दें कि शी जिनपिंग को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) के प्रमुख के रूप में एक बार फिर से नियुक्त किया गया है। पार्टी के प्रमुख, सेना और प्रेसीडेंसी प्रमुख जैसे तीन शक्तिशाली पदों पर काम करते हुए जिनपिंग पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो 10 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी सत्ता में बने रहे, जबकि उनके सभी पूर्ववर्ती रिटायर हो गए थे। 

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