अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के LRO से चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की तस्वीर ली है। नासा ने बताया है कि विक्रम लैंडर ने चांद के दक्षिणी ध्रुव से करीब 600 किलोमीटर की दूरी पर लैंडिंग की है। 

वाशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की तस्वीर ली है। नासा ने बताया है कि विक्रम ने चांद के दक्षिणी ध्रुव के किस जगह पर लैंडिंग की है। इस फोटो को NASA ने LRO (Lunar Reconnaissance Orbiter) की मदद से लिया है।

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विक्रम लैंडर ने 23 अगस्त की शाम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपने कदम रखे थे। नासा ने फोटो जारी करते हुए बताया है कि विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव से करीब 600 किलोमीटर की दूरी पर लैंडिंग की है। नासा ऑर्बिटर से जुड़े कैमरे ने विक्रम लैंडर की तस्वीर 42-डिग्री स्लू से ली है। LRO को 18 जून 2009 को लॉन्च किया गया था। यह चांद की परिक्रमा कर रहा है। इससे पहले नासा ने फोटो जारी कर बताया था कि रूस के लूना-25 ने चांद के सतह पर कहां क्रैश लैंडिंग की थी।

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23 अगस्त को इसरो को मिली थी बड़ी सफलता
दरअसल, 23 अगस्त को अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली थी। चंद्रयान -3 के लैंडर विक्रम ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। इस क्षेत्र में अपने यान को उतारने वाला भारत एकमात्र देश है। वहीं, चंद्रमा पर पहुंचने वाला भारत चौथा देश बना था। इससे पहले यह कामयाबी अमेरिका, सोवियत रूस और चीन को मिली थी।

रोवर प्रज्ञान ने की है सल्फर की खोज
चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग के बाद विक्रम लैंडर से इसका रोवर प्रज्ञान बाहर आया था। विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने चांद के सतह पर कई महत्वपूर्ण खोज किए हैं। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर रात होने के चलते प्रज्ञान रोवर को इसरो ने स्लीप मोड डाल दिया है। प्रज्ञान रोवर ने चांद की सतह पर सल्फर और अन्य छोटे तत्वों की उपस्थिति का पता लगाया है।