यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन की विदाई को बुधवार को यूरोपीय सांसदों ने मंज़ूरी दे दी इससे पहले हुई बहस में ब्रिटेन के लिए मिली जुली टिप्पणियां की गई, जिसमें कुछ ने देश को आगामी व्यापार वार्ता के दौरान बहुत अधिक रियायतें नहीं मांगने की चेतावनी दी

ब्रसेल्स: यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन की विदाई को बुधवार को यूरोपीय सांसदों ने मंज़ूरी दे दी। इससे पहले हुई बहस में ब्रिटेन के लिए मिली जुली टिप्पणियां की गई, जिसमें कुछ ने देश को आगामी व्यापार वार्ता के दौरान बहुत अधिक रियायतें नहीं मांगने की चेतावनी दी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यूरोपीय संसद में ब्रेक्ज़िट समझौता के पक्ष में 621 मत पड़े तो खिलाफ में 49 वोट पड़े। इसी के साथ ईयू से ब्रिटेन की विदाई को मंज़ूरी दे दी गई है। यह ब्रेक्ज़िट समझौता ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले वर्ष यूरोपीय संघ के अन्य 27 नेताओं के साथ बातचीत करके किया था।

ईयू से निकलने के लिए जनमत संग्रह

ब्रिटेन में जून 2016 में ईयू से निकलने पर निर्णय के लिए जनमत संग्रह हुआ था। ईयू के देश पहले से ही ब्रिटेन के साथ नए व्यापार समझौते पर बातचीत की संभावना की तैयारी कर रहे थे।

शुक्रवार को ईयू से अलग होने के बाद, ब्रिटेन इस साल के आखिर तक ईयू की आर्थिक व्यवस्था में रहेगा, लेकिन किसी नीति को लेकर वह कोई राय नहीं दे पाएगा। ब्रिटेन ईयू छोड़ने वाला पहला देश है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(प्रतीकात्मक फोटो)