PTI के कार्यकर्ताओं ने 9 मई को जिस जिन्ना हाफस में आगजनी और तोड़फोड़ की। उस घर को देश के पहले प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्ना ने 1943 में खरीदा था।

इस्लामाबाद : इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं ने 9 मई को जिन्ना हाउस पर धावा बोल दिया और तोड़फोड़ करने के बाद उसमें आग लगा दी। बता दें कि लाहौर स्थित जिन्ना हाउस को पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री मोहम्मद अली जिन्ना ने 1943 में खरीदा था।

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इस समय पाकिस्तान ने जिन्ना के आलीशान आवास को अपने कोर कमांडर के आवास में बदल दिया है। जानकारी के अनुसार, इसे जिन्ना ने मोहन लाल बाशिन नाम के हिंदू से बंटवारे से काफी पहले खरीदा था। द न्यूज के मुताबिक जिसे देश की राष्ट्रीय धरोहर होना चाहिए था, उसमें सेना ने कब्जा कर लिया है।

सेना ने जिन्ना हाउस कब्जे में लिया

दस्तावेजों का हवाला देते हुए अखबार ने कहा कि जिन्ना के निधन के बाद 1948 में घर को उनके के प्रतिनिधि मुर्तब अली को सौंप दिया गया था, लेकिन इसे फिर से सेना ने अपने कब्जे में ले लिया और अब तक यह सेना के नियंत्रण में है।

सेना ने 500 रुपए में किराए पर लिया था जिन्ना हाउस

रिपोर्ट के मुताबिक सेना मे इसे 1948 में 500 रुपए के किराए पर लिया था और फिर इसे अपने कब्जे में ले लिया और कोर कमांडर के आवास में बदल दिया। बता दें कि जिन्ना का लाहौर हाउस विभाजन से पहले उनके द्वारा खरीदी गई तीन प्रमुख संपत्तियों में से एक है। उनके पास कराची और मुंबई में इसी तरह के महलनुमा घर थे।

इंटरनेशनल सेंटर बनेगा मुंबई स्थित जिन्ना हाउस

वहीं, अगर बात करें मुंबई स्थित जिन्ना हाउस की, तो भारत इसमें इंटरनेशन सेंटर बनाने की घोषणा कर चुका है। यहां उच्चस्तरीय विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और विशिष्ट मेहमानों के साथ द्विपक्षीय बातचीत और उनके सम्मान में भोज आदि किया जाएगा।

इस इमारत को बनवाने में तब 2 लाख रुपए लागत आई थी। तब इस इमारत को साउथ कोर्ट कहा जाता था। यह इमारत 2.5 एकड़ में फैली है। जिन्ना हाउस को यूरोपीय अंदाज में बनाया गया है जिसका डिजाइन क्लाउड बेटली ने किया था।

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