दुनिया के तमाम देशों में अभी भी कोरोना वायरस का कहर जारी है। इसी बीच जर्मनी में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए सख्‍त लॉकडाउन जैसे कदम उठए गए हैं। यहां कई शहरों में बाहर निकलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। जर्मनी में 16 राज्यों में 29,875 नए मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।

जर्मनी. दुनिया के तमाम देशों में अभी भी कोरोना वायरस का कहर जारी है। इसी बीच जर्मनी में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए सख्‍त लॉकडाउन जैसे कदम उठए गए हैं। यहां कई शहरों में बाहर निकलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। जर्मनी में 16 राज्यों में 29,875 नए मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जर्मनी की चांसलर एंजेला मॉर्केल ने रविवार को लॉकडाउन का ऐलान किया। इसके तहत बुधवार से देश में ज्यादातर स्टोर बंद रहेंगे। इसके अलावा स्कूल और डे केयर सेंटर भी बंद करनेका फैसला किया गया है। 

10 जनवरी तक लागू रहेंगे प्रतिबंध
कोरोना के कहर को देखते हुए 10 जनवरी तक प्रतिबंधों को लागू किया गयाी है। जर्मनी के 16 राज्यों ने इन प्रतिबंधों को स्वीकार किया है। क्रिसमस पर अच्छे व्यापार की राह तक रहे व्यापारियों के लिए यह एक झटके की तरह है। 

क्या क्या रहेगा बंद? 

सभी गैर जरूरी दुकानों और सेवाओं को 10 जनवरी तक बंद करने का ऐलान किया गया है। इसमें बार्बर की दुकानें भी शामिल हैं। 
स्कूलों से सभी बच्चों को घर भेजने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उनसे ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के लिए कहा गया है। या वे 10 जनवरी तक क्रिसमस की छुट्टियां रख सकते हैं। 
- डे केयर सेंटर भी बंद रहेंगे। इसके अलावा अभिभावक पेड हॉलिडे ले सकेंगे, ताकि बच्चों की देखभाल कर सकें। 
- कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम जारी रखने के लिए कहा गया है। 
- अगर चर्च और मस्जिदें स्वच्छता नियमों का पालन करते हैं, तो धार्मिक आयोजन हो सकते हैं, लेकिन सांप्रदायिक गायन की अनुमति नहीं है।
- नए साल के मौके पर लोग पटाखे नहीं खरीद सकेंगे। 


नवंबर से पैर पसार रहा कोरोना
जर्मनी में कोरोना से अब तक 20970 लोगों की मौत हो चुकी है। जर्मनी के आंतरिक मंत्री होर्स्ट सीहोफर ने कहा, स्थिति पर नियंत्रण पाने का एकमात्र उपाय लॉकडाउन है। हमें क्रिसमस तक प्रतीक्षा करनी होगी। हमें इन नंबरों को महीनों तक लड़ते रहना होगा। जर्मनी में नवंबर में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए तमाम प्रतिबंध लगाए गए थे। रेस्तरां, बार, खेल सुविधाओं को बंद कर दिया गया। वहीं, होटल भी बंद कर दिए गए।