रूसी अधिकारियों ने हमलावरों की तलाश तेज कर दी थी, जिसके परिणामस्वरुप 4 बंदूकधारियों सहित 11 लोगों को हिरासत में लिया है। इस हमले पर रूसी अधिकारियों ने दावा किया है कि हमलावरों को यूक्रेन से मदद मिली थी।

रूस में आतंकी हमला। रूस के मॉस्को में बीते शुक्रवार (22 मार्च) को आतंकियों ने एक कॉन्सर्ट हॉल में हमले किए, जिसमें करीब 133 लोगों की मौत हो गई, जबकि 145 लोग घायल हो गए। इसमें से 107 लोग हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। वहीं इस हमले की जिम्मेदारी ISIS ने ली है। इसके बाद रूसी अधिकारियों ने हमलावरों की तलाश तेज कर दी थी, जिसके परिणामस्वरुप 4 बंदूकधारियों सहित 11 लोगों को हिरासत में लिया है। इस हमले पर रूसी अधिकारियों ने दावा किया है कि हमलावरों को यूक्रेन से मदद मिली थी। हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि हमले के पीछे उनका कोई हाथ नहीं था।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अधिकारियों ने चार बंदूकधारियों सहित 11 लोगों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा, ''हमलावरों को छिपाने की कोशिश की गई। इसके लिए वो यूक्रेन की तरफ भाग गए, जहां शुरुआती जांच से पता चला कि रूस के बॉर्डर को पार करने के लिए यूक्रेन की तरफ से पहले से रास्ते खोल कर रखे गए थे।रूस की एफएसबी सुरक्षा सेवा ने कहा कि बंदूकधारियों के संपर्क यूक्रेन में थे और उन्हें सीमा के पास पकड़ लिया गया। हालांकि, इस पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि ये पुतिन की खासियत है कि वे आरोप लगाते रहते हैं। यूक्रेनी सैन्य खुफिया प्रवक्ता एंड्री युसोव ने रॉयटर्स को बताया कि उनका देश इस आतंकी हमले में शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि देश रूसी आक्रमण के खिलाफ अपनी रक्षा कर रहा है।

पुतिन ने अपराधियों को दंडित करने की खाई कसम

पुतिन ने अपने संबोधन में हमले के सभी अपराधियों को दंडित करने की कसम खाई। उन्होंने कहा, "हम उन सभी लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें दंडित करेंगे जो आतंकवादियों के पीछे खड़े हैं, जिन्होंने रूस के खिलाफ, हमारे लोगों के खिलाफ इस अत्याचार, इस हमले की तैयारी की।" इससे पहले अमेरिका ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने मॉस्को में एक योजनाबद्ध हमले के बारे में रूस के साथ जानकारी साझा की थी। हमले के बारे यूक्रेनी कनेक्शन के बारे में अमेरिका ने बताया कि इसमें किसी भी तरह की यूक्रेनी भागीदारी नहीं थी।

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