दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति यून सूक योल ने मार्शल लॉ लगाया, फिर कुछ ही घंटों में वापस ले लिया। विपक्षी दल ने इस्तीफे की मांग की है। जनता में भी असंतोष है।

वर्ल्ड डेस्क। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सूक योल ने मंगलवार रात को मार्शल लॉ की घोषणा कर दी। इसके कुछ ही घंटों बाद सांसदों ने उनकी घोषणा के खिलाफ मतदान किया। हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इस अफरा-तफरी के बीच राष्ट्रपति ने छह घंटे के भीतर मार्शल लॉ लगाने के अपने फैसले को वापस ले लिया।

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दक्षिण कोरिया की राजनीतिक संकट की 10 मुख्य बातें

1. राष्ट्रपति यून सुक योल ने मंगलवार देर रात राष्ट्र के नाम संबोधन में आपातकालीन मार्शल लॉ की घोषणा की। TV पर अपने भाषण में उन्होंने उत्तर कोरिया से "खतरों" का हवाला दिया और दक्षिण कोरिया में मुख्य विपक्षी दल की आलोचना की। 1980 के बाद यह पहली बार था जब दक्षिण कोरिया में आपातकाल की घोषणा की गई।

2. राष्ट्रपति यून ने कहा, "उत्तर कोरिया से पैदा हो रहे खतरों से दक्षिण कोरिया को बचाने और लोगों की स्वतंत्रता लूटने वाले राज्य-विरोधी तत्वों को समाप्त करने के लिए मैं इमरजेंसी मार्शल लॉ की घोषणा करता हूं।"

3. राष्ट्रपति ने मुख्य विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी हमला किया। इसके पास 300 सदस्यीय संसद में बहुमत है। राष्ट्रपति ने उस पर महाभियोग, विशेष जांच और अपने नेता को न्याय से बचाने के लिए शासन को "पंगु" करने का आरोप लगाया है।

4. राष्ट्रपति को छह घंटे के भीतर ही मार्शल लॉ वापस लेना पड़ा। उन्होंने टीवी पर आकर कहा, "अभी कुछ समय पहले नेशनल असेंबली से आपातकाल हटाने की मांग की गई है। हमने मार्शल लॉ ऑपरेशन के लिए तैनात सेना को वापस बुला लिया है।"

5. डेमोक्रेटिक पार्टी ने राष्ट्रपति यून से पद छोड़ने की मांग की है। यून 2022 में राष्ट्रपति चुने गए थे। पार्टी ने कहा है कि अगर उन्होंने "तुरंत" इस्तीफा नहीं दिया तो उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

6. दक्षिण कोरिया के मुख्य श्रमिक संघ समूह ने भी डेमोक्रेटिक पार्टी की मांग का समर्थन किया है। इसने राष्ट्रपति के इस्तीफा देने तक "अनिश्चितकालीन आम हड़ताल" पर जाने की बात की है।

7. राष्ट्रपति यूं की पीपुल्स पावर पार्टी अप्रैल 2024 में हुए संसदीय चुनाव में हार गई थी। विपक्ष ने लगभग दो तिहाई सीटों पर कब्जा कर लिया है।

8. अमेरिका ने परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया से दक्षिण कोरिया की रक्षा के लिए वहां लगभग 30,000 सैनिक तैनात किए हैं। अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में चल रही राजनीतिक संघर्ष पर कहा था कि वह घटनाओं पर नजर रख रहा है। अमेरिका ने कहा कि उसे इस बात से "राहत" मिली है कि राष्ट्रपति ने मार्शल लॉ वापस ले लिया है।

9. उत्तर कोरिया के प्रमुख सहयोगी चीन ने दक्षिण कोरिया में अपने नागरिकों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। रूस ने स्थिति को "खतरनाक" बताया है।

10. मार्शल लॉ लागू करने की कार्रवाई हाल ही में यूं की लोकप्रियता में आई भारी गिरावट के बाद हुई है। लोगों ने अर्थव्यवस्था के उनके संचालन और उनकी पत्नी किम किऑन ही से जुड़े विवादों पर असंतोष व्यक्त किया है।

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