पाकिस्‍तान ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी कैंपों पर हुई एयर स्‍ट्राइक के बाद से ही अपना वायुक्षेत्र भारत के लिए बंद कर रखा है।

नई दिल्ली. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नई दिल्‍ली से काबुल जा रहे स्‍पाइस जेट एक विमान का पाकिस्‍तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने रास्ता काटने और अवरोध पैदा करने की कोशिश की। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पाक विमान ने अपने देश के वायुक्षेत्र के बाहर तक उड़ान भरी और भारतीय विमान का रास्ता रोकने की कोशिश की। यह घटना 23 सितंबर की है। विमान में 120 यात्री सवार थे अब काफी समय बाद DGCA के अधिकारियों ने इस घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा- जब बोइंग 737 विमान पाकिस्‍तान के वायुक्षेत्र में घुसा तो उसे दिए गए 'कॉल साइन' को लेकर भ्रम की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई जिसकी वजह से ये नौबत आई।

कर्शियल भारतीय विमान से कन्फ्यूज हो गए पाकिस्तानी विमान

पाकिस्‍तानी विमानों ने स्‍पाइसजेट के विमान को अपनी ऊंचाई कम करने को कहा। स्‍पाइसजेट के पायलटों ने पाकिस्‍तानी लड़ाकू विमानों से बात की और कमर्शियल विमान के रूप में अपनी पहचान बताई। फिर स्‍पाइसजेट के विमान को यात्रा जारी रखने दी गई और जब तक वो अफगानिस्‍तान के वायुक्षेत्र में प्रवेश नहीं कर गया तब उस पर पहरेदारी की गई और पूरी नजर रखी गई। स्‍पाइसजेट ने फिल्‍हाल इस मामले कोई बयान नहीं दिया है।

एयर स्‍ट्राइक के बाद से भारत के लिए बंद है पाक वायुक्षेत्र

पाकिस्‍तान ने 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी कैंपों पर हुई एयर स्‍ट्राइक के बाद से ही अपना वायुक्षेत्र भारत के लिए बंद कर रखा है। जुलाई में इसने आंशिक रूप से इसे खोलने का फैसला किया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार उसके कुछ दिनों बाद पाकिस्‍तान के उड्डयन मंत्री ने माना था कि वायुक्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने की वजह से उनके देश को 50 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा।