संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को पहली बार गाजा में युद्ध विराम के लिए कहा है। सुरक्षा परिषद में सोमवार को यूएसए अनुपस्थित रहा।

United Nations: गाजापट्टी में इजरायल के नरसंहार की लगातार आ रही खबरों के बीच संयुक्त राष्ट्र ने हस्तक्षेप करते हुए सीजफायर करने को कहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को पहली बार गाजा में युद्ध विराम के लिए कहा है। सुरक्षा परिषद में सोमवार को यूएसए अनुपस्थित रहा। अमेरिका, इजरायल का प्रमुख सहयोगी है और पिछली मीटिंग्स में इस मुद्दे पर वीटो लगाता रहा है।

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रमजान की वजह से युद्ध विराम की मांग

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमवार को यह प्रस्ताव लाया गया कि रमजान के चल रहे पवित्र महीने के लिए गाजापट्टी में तत्काल युद्ध विराम होना चाहिए। इस सीज फायर को बाद में बातचीत से स्थायी सीज फायर की ओर ले जाया जाएगा। सुरक्षा परिषद में लाए गए इस प्रस्ताव पर सभी 14 सदस्यों ने समर्थन में वोट किया। जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका अनुपस्थित रहा।

अमेरिका पहले इस तरह के युद्धविराम के प्रस्ताव पर अपना वीटो लगाता रहा है। लेकिन इजरायल के प्रति उसकी निराशा बढ़ रही है। क्योंकि की मनमानी जारी है। इजरायल, भीड़भाड़ वाले दक्षिणी शहर राफा में अपने सैन्य अभियान का विस्तार दे रहा है। इजरायल की विस्तार नीति और नरसंहार से अमेरिका को भी आलोचना झेलना पड़ रहा है।

32 हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की गई जानें

इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमास के हमले में एक हजार से अधिक लोग मारे गए थे और करीब 250 लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजापट्टी को नेस्तनाबूद कर दिया है। 20 लाख से अधिक आबादी वाला शहर अब भोजन-पानी का मोहताज है। अक्टूबर से शुरू इजरायल के हमले में 32 हजार से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। मरने वालों में अधिकतर बच्चे और महिलाएं हैं। लाखों लोग भूख से तड़प रहे हैं। दवाइयों और अस्पतालों में इलाज के अभाव में सैकड़ों जानें जा चुकी है। आए दिन इजरायली सेना द्वारा नरसंहार किया जा रहा है।

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