
Red Garnet Stone: जब किसी की कुंडली में सूर्य की स्थिति ठीक नहीं रहती तो उसे रूबी यानी माणिक रत्न पहनने को कहा जाता है। लेकिन ये रत्न बहुत महंगा होता है, इसे खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं होती। ऐसी स्थिति में उसे गारनेट पहनने की सलाह दी जाती है। गारनेट जिसे रक्तमणि भी कहते हैं, माणिक का उपरत्न है। ये दिखने में रक्त जैसा लाल होता है, इसलिए इसे रक्तमणि कहते हैं। आगे जानिए गारनेट यानी रक्तमणि से जुड़ी खास बातें…
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ज्योतिषियों के अनुसार गारनेट पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह जरूर लेना चाहिए क्यों ये रत्न सूर्य से संबंधित है। सामान्य तौर पर सिंह, मकर और कुंभ राशि के लोग इसे पहन सकते हैं। यह जनवरी महीने में पैदा हुए लोगों का जन्म रत्न (Birthstone) भी माना जाता है। ये रत्न आकस्मिक सफलता दिलाने वाला माना गया है।गारनेट पहनने से सभी काम तेजी से होने लगते हैं।
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ज्योतिषियों के अनुसार गारनेट को रविवार की सुबह पहनना शुभ रहता है। इसे तांबे, सोने, चांदी या पंचधातु की अंगूठी में पहना जा सकता है। आमतौर पर इसे दाएं हाथ की मध्यमा या अनामिका अंगुली में पहना जाता है। पहनने से पहले योग्य ज्योतिषी से भी सलाह जरूर लेनी चाहिए। तभी इसका पूरा फायदा आपको मिलेगा। गारनेट कभी भी 5 रत्ती से कम का नहीं पहनना चाहिए।
1. गारनेट पहनने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और इससे निगेटिव एनर्जी भी दूर रहती है। मन में अनजाना भय हो तो इसे जरूरी पहनना चाहिए।
2. बिजनेस में सफलता के लिए चांदी की अंगूठी में गारनेट पहनना चाहिए।
3. जो लोग टूरिंग जॉब करते हैं उन्हें गारनेट जरूरी पहनना चाहिए। यह ट्रेवलिंग के दौरान सुरक्षा का कार्य करता है।
4. दुकान या ऑफिस में 10 रत्ती का गारनेट गुप्त स्थान पर रखना चाहिए। इससे बिजनेस तेजी से आगे बढ़ता है।
5. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को भी गारनेट पहनने से फायदा हो सकता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।