Moti Stone Benefits: ज्योतिष शास्त्र में जो 9 ग्रह बताए गए हैं, उनमें सबसे तेजी से जो राशि बदलता है वो है चंद्रमा। इसलिए इस ग्रह का सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे जीवन पर होता है। चंद्रमा से शुभ फल पाने के लिए मोती पहनने की सलाह दी जाती है।

Moti Stone Benefits In Hindi: चंद्रमा भले ही सबसे छोटा ग्रह है, लेकिन हमारे जीवन पर सबसे ज्यादा असर इसी ग्रह का होता है क्योंकि ये पृथ्वी के सबसे नजदीक है और सबसे तेजी से राशि बदलता है। चंद्रमा को मन का कारक भी कहा जाता है यानी हमारे विचार पूरी तरह से चंद्रमा से प्रभावित होता है। चंद्रमा अगर अशुभ फल दे रहा हो तो मोती पहनने की सलाह दी जाती है। मोती पहनने से कईं तरह की मानसिक समस्याएं भी दूर होती हैं। आगे जानिए मोती किसे पहनना चाहिए, कैसे पहनें और कैसे करें असली-नकली की पहचान…

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मोती किसके लिए शुभ-कौन न पहनें?

मोती को अंग्रेजी में पर्ल कहते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिए यह अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे पहनने से इनकी किस्मत चमक सकती है। जबकि वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ लग्न वालों को मोती पहनने से बचना चाहिए। ऐसा करने से इनके जीवन में परेशानियां आ सकती हैं। स्वभाव से गुस्सैल लोगों को भी मोती पहनने की सलाह दी जाती है।

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कैसे पहनें मोती-कौन सा मंत्र बोलें?

शुक्ल पक्ष के किसी भी सोमवार को चांदी की अंगूठी में मोती पहन सकते हैं। इसे सीधे हाथ की कनिष्ठा (सबसे छोटी) अंगुली में पहनना चाहिए। मोती को पहनने से पहले मोती इसे गंगाजल या कच्चे दूध में धोकर शुद्ध करें, इसके बाद ऊं सों सोमाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करके इसे धारण करें।

कैसे करें असली-नकली की पहचान?

1. असली मोती हाथ से छूने पर ठंडे लगते हैं और वजन में भारी होते हैं जबकि नकली में ऐसा नहीं होता।
2. असली मोती को आग पर रखने पर वह जलता नहीं है, जबकि नकली पिघल जाता है।
3. प्राकृतिक मोती एकदम गोल नहीं होते, उनमें मामूली असमानता होती है। जबकि नकली मोती एकदम गोल आकार के होते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान…

1. मोती का प्रभाव अधिकतम 2 से 3 साल तक माना जाता है। इसके बाद इसे बदल देना चाहिए।
2. बिना ज्योतिषी की सलाह के मोती नहीं पहनना चाहिए।
3. नीलम या गोमेद के साथ मोती कभी नहीं पहनना चाहिए। नहीं तो अशुभ परिणाम मिलते हैं।
4. मोती कम से कम 5 रत्ती का होना चाहिए।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।