
25 October 2026 Panchang: 25 अक्टूबर, रविवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथि का संयोग रहेगा। रविवार को चंद्रमा राशि परिवर्तन करके मेष राशि में प्रवेश करेगा। इसके अलावा दिन में हर्षण, वज्र, वर्धमान और आनंद नाम के योग बनेंगे। अगर आप इस दिन पूजा-पाठ या कोई शुभ काम करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले जान लें लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल और दिनभर के पंचांग की जानकारी…
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शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए निशीथ काल को खास माना जाता है। दिए गए मुहूर्त के अनुसार, 25 अक्टूबर की रात 11:40 बजे से 12:31 बजे तक लक्ष्मी पूजा की जा सकती है। इस दौरान भक्त माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करके घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर सकते हैं।
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रविवार को चंद्रमा मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस राशि परिवर्तन से शनि और चंद्रमा से जुड़ा विष योग समाप्त हो जाएगा। इस दिन शनि मीन राशि में रहेंगे, जबकि सूर्य, बुध और शुक्र तुला राशि में स्थित होंगे। मंगल और गुरु कर्क राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में रहेंगे।
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दिशा शूल की मान्यता के अनुसार, रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर किसी जरूरी काम से इस दिशा में जाना पड़े, तो परंपरा के अनुसार दलिया, घी या पान खाकर घर से निकल सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से यात्रा में आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है।
रविवार को राहुकाल शाम 4:24 बजे से 5:49 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में इस समय को शुभ कामों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान नए या मांगलिक काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
विक्रम संवत: 2083
मास: आश्विन
पक्ष: शुक्ल
दिन: रविवार
ऋतु: शरद
तिथि: चतुर्दशी और पूर्णिमा
नक्षत्र: रेवती और अश्विनी
करण: वणिज और विष्टि
सूर्योदय: सुबह 6:32 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:49 बजे
चंद्रोदय: शाम 5:08 बजे
चंद्रास्त: 26 अक्टूबर, सुबह 6:25 बजे
- सुबह 7:56 बजे से 9:21 बजे तक
- सुबह 9:21 बजे से 10:46 बजे तक
- दोपहर 11:48 बजे से 1:33 बजे तक
- शाम 5:49 बजे से 7:25 बजे तक
- शाम 7:25 बजे से 9:00 बजे तक
- यमगंड: दोपहर 12:10 बजे से 1:35 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 3:00 बजे से 4:24 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:19 बजे से 5:04 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 7:57 बजे से 9:28 बजे तक
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।