
Shani Vakri Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 27 जुलाई 2026 को शनि देव मीन राशि में वक्री हो जाएंगे यानी टेढ़ी चाल चलने लगेंगे। शनि की ये स्थिति 11 दिसंबर 2026 तक रहेगी। शनि के वक्री होने का असर वैसे तो सभी 12 राशि के लोगों पर होगा लेकिन 5 राशियों पर इसका सबसे ज्यादा बुरा असर देखने को मिलेगा। शनि के वक्री काल में इन 5 राशियों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 5 राशियां और शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कौन-से उपाय करें…
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विद्वानों के अनुसार शनि जब भी वक्री होता है तो इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है जिसके कारण जिन राशियों पर साढ़ेसाती और ढैया का प्रभाव रहता है उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती है। वर्तमान में कुंभ, मीन और मेष पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है वहीं सिंह और धनु पर ढैया का असर है। शनि के वक्री काल में इन पांचों राशियों को विशेष सावधान रहने की जरूरत है।
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शनि मंत्र का जाप करें
शनि के अशुभ फल से बचने के लिए प्रतिदिन या शनिवार को ‘ऊं शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। संभव हो शनिवार को उपवास भी रखें।
पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं
प्रत्येक शनिवार की शाम सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं और शनि देव का स्मरण करें। इसके पहले पीपल पर जल चढ़ाकर 7 परिक्रमा भी करें।
काले तिल और उड़द का दान करें
शनि की अशुभ नजर से बचने के लिए गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को काले तिल, काली उड़द, काला वस्त्र, जूते-चप्पल, छाता और सरसों का तेल दान करना शुभ माना जाता है।
हनुमान जी की पूजा करें
मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे शनि दोष का प्रभाव कम होता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।