
ऑटो डेस्क : G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने कई देशों के राष्ट्रप्रमुख दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिकी के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के आने से पहले ही उनकी हाईटेक कार 'द बीस्ट' दिल्ली पहुंच चुकी है। पीएम मोदी से लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू, फ्रांस के इमैनुएल मैंक्रॉ और जो बाइडेन तक ज्यादातर राष्टप्रमुख काले रंग की कार से ही चलते हैं। क्या आप जानते हैं राष्ट्रप्रमुख ब्लैक कलर की कार से ही क्यों चलते हैं। अगर नहीं तो चलिए आपको बताते हैं...
क्यों काले रंग की गाड़ी ही चुनते हैं राष्ट्रप्रमुख
काले रंग की कार ऑटोमोबाइल कंपनियां खूब बनाती हैं। इनकी डिमांड भी ज्यादा होती है और इन्हें खरीदने के पैसे भी लगते हैं। काले रंग का इस्तेमाल भारत में सदियों से होता आ रहा है। ऑटोमोबाइल कंपनियां बहुत पहले ही इस रंग का इस्तेमाल शुरू कर दी थी लेकिन आज बात कि अधिकतर प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति काले रंग की कार से ही क्यों चलते हैं। दरअसल, काला रंग मनोविज्ञान और शक्ति के साथ ही कई गुणों को प्रदर्शित करता है। यह कलर ताकत और अधिकार को भी दिखाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के राष्ट्रपति और बाकी नेता काले रंग के उचित प्रतिनिधित्व के कारण अमेरिकी सरकार विशेष तौर से राष्ट्रपति और एस्कॉर्ट ब्लैक कलर की कार ही इस्तेमाल करती है। अमेरिका की सीक्रेट सर्विस भी काले रंग के वाहन का उपयोग ही करती है। सरकारी वाहनों जैसे पुलिस कार, अग्निशमन ट्रक और सैन्य वाहनों से अलग दिखाने का यह अलग तरीका भी है। यही कारण है कि दुनिया ज्यादातर देशों में प्रेसीडेंशियल व्हीकल्स ब्लैक ही रखा जाता है।
किस देश के राष्टाध्यक्ष काले रंग की कार से नहीं चलते हैं
अमेरिका के ही एक राष्ट्रपति ड्वाइट डी आइजनहावर अलग रंग की कार से चला करते थे। साल 1953 में एक परेड में उन्होंने पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के साथ ह्वाइट कैडिलैक एल्डोरैडो कंवर्टिवल कार से चले थे। ये कार उन्हें जनरल मोटर्स ने गिफ्ट की थी। फिलीपींस में सभी प्रेसीडेंशियल और एस्कॉर्ट व्हीकल्स का कलर ब्लैक नहीं होता है। कई देशों में राष्टाध्यक्ष प्राइमरी कार की बजाय दूसरे कलर की कार का उपयोग करते हैं।
क्या विदेश में जाने पर भी राष्ट्राध्यक्ष को काली कार ही मिलती है
फिलीपींस में कई बार राष्ट्राध्यक्ष सफेद या सिल्वर कलर की कार का इस्तेमाल करते हैं। 1953 में राष्ट्रपति रेमन मैग्सेसे सफेद रंग की फोर्ड कन्वर्टिबल से एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। 1965 में राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने कैडिलैक फोर-डोर कंवर्टिवल कार का उपयोग किया था। बता दें कि जब कोई ग्लोबल लीडर किसी दूसरे देश में कामकाज या घूमने के सिलसिले में जाते हैं तो उन्हें आमतौर पर काले रंग की लिमोजीन चलने के लिए दी जाती है।
इसे भी पढ़ें
G20 : अमेरिकी राष्ट्रपति की कार से कितनी अलग और खास पीएम मोदी की Car?
Car news in Hindi: Read latest car launches news, car reviews, specifications, On Road & Exshowroom price news - Asianet News Hindi