कातिल समझ पत्नी को भेजा जेल, पांच साल बाद जिंदा लौटा पति, मामला देख पुलिस भी चकराई..

Published : Oct 19, 2021, 09:28 PM IST
कातिल समझ पत्नी को भेजा जेल, पांच साल बाद जिंदा लौटा पति, मामला देख पुलिस भी चकराई..

सार

उस शख्स की हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इस मामले में कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी और ससुराल वाले आरोपी हैं। पत्नी अभी पटना हाईकोर्ट से बेल मिलने के बाद बाहर है। 

पश्चिमी चंपारण : बिहार (bihar) के पश्चिम चंपारण (west Champaran)  जिले  के बेतिया में एक व्यक्ति, जिसकी हत्या 5 साल पहले होने की खबर थी, वह अचानक जिंदा लौट आया। उसके घर लौटने के बाद लोग हैरान हैं। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। हैरानी वाली बात यह है कि उस व्यक्ति की हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इस मामले में कोई और नहीं बल्कि उसकी पत्नी और ससुराल वाले आरोपी हैं। पत्नी अभी पटना हाईकोर्ट से बेल मिलने के बाद बाहर है। पांच साल बाद जिंदा लौटने के बाद पुलिस ने उस शख्स का बयान दर्ज कराया है और आगे की कार्रवाई में लग गई है।

2016 में दर्ज हुआ था केस
बेतिया के साठी थाना क्षेत्र के साठी के कटहरी गांव निवासी विकास कुमार ने अपने भाई राम बहादुर राव की हत्या का मामला 2016 में बेतिया कोर्ट में दर्ज कराया था। तब विकास कुमार ने कोर्ट को बताया था कि 2015 में उसका एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद गुजरात (gujrat) में रहने वाला भाई रामबहादुर राव उसे देखने आया था। इसके बाद वो वापस लौट गया था। कुछ दिनों बाद जब वह अपने भाई के ससुराल पहुंचा तो उसे पता चला कि उसके भाई की मौत हो चुकी है। भाभी से भाई के बारे में पूछने पर ससुराल वालों ने सही-सही कुछ नहीं बताया। जिसके बाद विकास कुमार को शक हुआ कि उसके भाई की हत्या कर दी गई है।

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कोर्ट से नहीं मिली राहत
विकास ने तब हत्या का केस दर्ज कराने के लिए साठी और रामनगर थाने में आवेदन दिया लेकिन थाने में मामला दर्ज नहीं हुआ। जिसके बाद उसने बेतिया कोर्ट में भाभी गुड्डी देवी और उनके परिजनों पर अपहरण और हत्या का केस दर्ज कराया। इसके बाद कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आरोपियों ने पटना हाईकोर्ट से बेल लिया है और हत्या का मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। इधर जिसकी हत्या का मामला कोर्ट में चल रहा है, वो पांच साल बाद जिंदा लौट आया है।

एक्सीडेंट के बाद कोमा में था रामबहादुर
इधर घर लौटने के बाद रामबहादुर ने बताया कि गुजरात में वह एक धागा बनाने वाली कंपनी में काम करता था। एक दिन कंपनी से घर लौट रहा था, तभी एक्सीडेंट हो गया और वह बुरी तरह से घायल हो गया, बाद में वो कोमा में चला गया। होश आया तो याददाश्त चली गई थी। इस दौरान उसका ख्याल रखने वाले दोस्त की भी कोरोना में निधन हो गया। याददाश्त वापस आई तो परिवार वालों को खोजने की काफी कोशिश की। फिर फेसबुक पर उसके बेटे आकाश सिंह का नंबर मिला। जिसके बाद वो अपने पत्नी और बच्चों से मिला।

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