
बिजनेस डेस्क। केंद्र सरकार ने 2000 रुपए के नोट के सर्कुलेशन के बारे में लोकसभा में जानकारी दी है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag Singh Thakur) ने कहा है कि 2000 रुपए के नोटों की छपाई पिछले 2 साल से नहीं हुई है। उन्होंने लोकसभा में बताया कि 30 मार्च. 2018 तक 3 अरब, 36 करोड़, 20 लाख रुपए के नोट सर्कुलेशन में थे। यह जानकारी उन्होंने सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि नोटों की प्रिंटिंग को लेकर सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के साथ बातचीत करके फैसला लेती है। मंत्री ने कहा कि अप्रैल 2019 के बाद से 2000 रुपए का एक भी नया नोट नहीं छापा गया है।
छपाई को लेकर कोई आदेश नहीं
केंद्रीय वित्त राज्या मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता की लेन-देन की मांग को पूरा करने के लिए सरकार रिजर्व बैंक की सलाह पर विशेष मूल्य के नोटों की छपाई के बारे में निर्णय लेती है। उन्होंने बताया कि 2019-20 और 2020-21 के दौरान 2000 रुपए के बैंक नोट के लिए छपाई से संबंधित कोई आदेश सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया।
कितने थे 2019 में 2000 के नोट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2019 में कहा था कि वित्त वर्ष 2016-17 (अप्रैल 2016 से मार्च 2017) के दौरान 2000 रुपए के कुल 354.2991 करोड़ नोट छापे गए थे। हालांकि, इसके बाद वित्त वर्ष 2017-18 में सिर्फ 11.1507 करोड़ नोट छापे गए। वित्त वर्ष 2018-19 में ये घटकर 4.6690 करोड़ रह गए। अप्रैल 2019 के बाद से 2000 रुपए का एक भी नया नोट नहीं छापा गया है।
नहीं छापा जा रहा है 2000 रुपए का नोट
2000 रुपए के बैंक नोट की छपाई बंद करने का फैसला इसकी जमाखोरी और काले धन पर रोक लगाने के लिए लिया गया है। 2000 के नोट को नंवबर 2016 में शुरू किया गया था। सरकार ने काले धन पर रोक लगाने और नकली नोटों को चलन से बाहर करने के लिए नवंबर, 2026 में 1000 रुपए और 500 रुपए के नोटों पर रोक लगा दिया था। रिजर्व बैंक ने 1000 रुपए के नोट को बंद कर दिया और उसकी जगह पर 2000 रुपए का नया नोट जारी किया। रिजर्व बैंक ने 500 रुपए का नया नोट भी जारी किया। इसके अलावा 10 रुपए, 20 रुपए, 50 रुपए, 100 रुपए और 200 रुपए के नए बैंक नोट भी जारी किए हैं।
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News