रेयर अर्थ कॉरिडोर के लिए ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ही क्यों?
इन तीनों राज्यों को चुनने के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं, जो सीधे भारत के भविष्य से जुड़े हैं। सबसे बड़ी वजह है यहां की तटीय रेत। ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के समुद्री किनारों पर मोनाजाइट नाम का खनिज भारी मात्रा में पाया जाता है। मोनाजाइट ही रेयर अर्थ का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। आंध्र प्रदेश की करीब 974 किलोमीटर लंबी तटरेखा है, जबकि ओडिशा और तमिलनाडु के तट भी मोनाजाइट-समृद्ध माने जाते हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में खनन करना तकनीकी और आर्थिक दोनों लिहाज से आसान है। ये तीनों राज्य तटीय हैं, यानी यहां से प्रोसेसिंग के बाद मटेरियल को देश और विदेश भेजना आसान है। पास में बंदरगाह होने की वजह से लागत कम होती है और सप्लाई चेन मजबूत बनती है। यही कारण है कि सरकार यहां डेडिकेटेड मिनरल पार्क बनाने पर फोकस कर रही है।