
Credit Card Cancellation Rules: क्रेडिट कार्ड लेना जितना आसान है, उसे बंद करवाना अक्सर उतना ही बड़ा सिरदर्द बन जाता है। कस्टमर केयर के चक्कर, रोबोटिक चैटबॉट्स के बेतुके जवाब और बैंक वालों के बार-बार फोन.. ज्यादातर लोग इस झंझट से तंग आकर कार्ड को अलमारी में यूं ही छोड़ देते हैं। अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं कि इस्तेमाल न करने से क्या फर्क पड़ता है, तो रुकिए। बंद न कराया गया कार्ड चुपके से एनुअल चार्ज लगा सकता है और आपका सिबिल स्कोर खराब कर सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अब बैंकों की इस मनमानी पर कड़ा ताला लगा दिया है। अगर बैंक 7 दिन में आपका कार्ड बंद नहीं करता, तो उसे रोज ₹500 के हिसाब से आपको हर्जाना भरना पड़ेगा। हाल ही में एक बैंक को अपनी इस लापरवाही के चलते एक ग्राहक को पूरे ₹3.21 लाख की पेनल्टी चुकानी पड़ी। आइए जानते हैं क्या है यह नियम और आप अपने अधिकार का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं...
एक ग्राहक ने अपने क्रेडिट कार्ड का सारा बकाया चुकाया और उसे बंद करने की अर्जी दे दी। इसके बाद भी बैंक महीनों तक उसकी रिक्वेस्ट पर कुंडली मारकर बैठा रहा। मामला जब आगे बढ़ा, तो RBI के सख्त नियमों के तहत बैंक को आदेश दिया गया कि वह देरी के हर एक दिन के हिसाब से ₹500 जोड़े और ग्राहक को भुगतान करे। सैकड़ों दिनों की देरी का बिल बना ₹3.21 लाख, जो बैंक को सीधे उस ग्राहक के खाते में डालने पड़े।
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