
नई दिल्ली: सरकार पर कुल देनदारी दिसंबर 2019 के अंत में इससे पूर्व तिमाही के मुकाबले 3.2 प्रतिशत बढ़कर 93.89 लाख करोड़ रुपये पहुंच गयी। वित्त मंत्रालय के बुधवार को जारी आंकड़े के अनुसार सितंबर 2019 में लोक खाते के अंतर्गत देनदारी समेत कुल 91,01,484 करोड़ रुपये थी।
दिसंबर 2019 को समाप्त तिमाही में कुल बकाया देनदारी का 90.4 प्रतिशत सार्वजनिक रिणों के मद का था। लोक ऋण प्रबंधन तिमाही रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2019 के अंत तक एक साल से कम अवधि में परिपक्व होने वाले बांड (कर्ज) का अनुपात बढ़ कर कुल देनदारी के 6.64 प्रतिशत के बराबर पहुंच गया था । इससे पूर्व तिमाही में अल्पकालिक कर्ज का अनुपात 5.41 प्रतिशत था।
दिसंबर में आयी तेजी
इसी तरह एक-पांच साल के अंदर की परिपक्वता अवधि के बांड का अनुपात आलोच्य तिमाही के अंत में 25.09 प्रतिशत रहा जो सितंबर 2019 को समाप्त तिमाही में यह 23.65 प्रतिशत था। रिपोर्ट के अनुसार इसी समय अगले पांच साल में परिपक्व होने वाले कर्ज का अनुपात 31.7 प्रतिशत था।
सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के प्रतिफल (यील्ड) में अक्टूबर-नवंबर 2019 के दौरान घट बढ़ सीमित दायरे में रही। दिसंबर को पहले पखवाड़े में इसमें कुछ तेजी आयी।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(प्रतीकात्मक फोटो)
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