EMI देते-देते थक गए? 5 तरीके जिससे लोन जल्दी खत्म होगा

Published : Mar 03, 2026, 10:15 AM IST

EMI Reduction Tips: हर महीने सैलरी आती है और तुरंत EMI कट जाती है। अब लगने लगा है कि जैसे लोन ही कभी खत्म नहीं होगा, तो घबराइए नहीं। सही प्लान बनाकर आप अपने लोन की अवधि को कम कर सकते हैं और हजारों रुपए ब्याज बचा सकते हैं। जानिए 5 तरीके... 

PREV
15

EMI थोड़ी बढ़ाइए, फर्क बड़ा दिखेगा

अगर आपकी सैलरी बढ़ी है या खर्च थोड़ा कंट्रोल में है, तो EMI में छोटा सा इजाफा करने से काफी फायदा हो सकता है। मान लीजिए आप 10,000 रुपए EMI दे रहे हैं, तो इसे 10,500 या 12,000 कर सकते हैं। थोड़ा सा ज्यादा देने से लोन की अवधि कम होगी, कुल ब्याज कम देना पड़ेगा और जल्दी फ्री हो जाएंगे। यानी छोटे से बदलाव से बड़ा फायदा पा सकते हैं।

25

साल में एक बार प्री-पेमेंट जरूर करें

अगर बोनस, टैक्स रिफंड या कोई एक्स्ट्रा इनकम मिलती है, तो उसे खर्च करने की बजाय लोन चुकाने में लगा दें। प्री-पेमेंट करने से मूल रकम कम होती है, आगे का ब्याज कम लगता है और लोन जल्दी खत्म होता है। ध्यान रखें अपने बैंक से पूछ लें कि कोई प्रीपेमेंट चार्ज तो नहीं है।

35

हाई इंटरेस्ट लोन पहले खत्म करें

अगर आपके पास एक से ज्यादा लोन हैं, जैसे पर्सनल लोन, होम लोन और क्रेडिट कार्ड, तो पहले उस लोन को खत्म करें जिसका ब्याज ज्यादा है। क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन पर ब्याज ज्यादा होता है। उन्हें पहले क्लियर करें, फिर बाकी लोन पर फोकस करें। इसे एक्सपर्ट्स स्मार्ट क्लियरिंग स्ट्रेटेजी कहते हैं और यह आपको काफी रिलीफ पहुंचा सकता है।

45

बैलेंस ट्रांसफर का प्लान बना सकते हैं

अगर किसी दूसरे बैंक में कम ब्याज दर मिल रही है, तो लोन ट्रांसफर करने की सोच सकते हैं। कम ब्याज दर का मतलब कम EMI, कम कुल पेमेंट, जल्दी लोन खत्म, लेकिन प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज जरूर चेक कर लें।

55

फालतू खर्च काटें, EMI बढ़ाएं

हर महीने छोटे-छोटे खर्च जैसे ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग, गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन, बाहर का खाना..जैसे खर्चों में अगर थोड़ी कटौती कर दी जाए और वही पैसा EMI में जोड़ दिया जाए, तो लोन जल्दी खत्म हो सकता है। इसका असर एक साल में ही दिख सकता है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी वित्तीय सलाह (Financial Advice), निवेश सलाह या कानूनी सलाह नहीं है। लोन की शर्तें, ब्याज दरें, प्रीपेमेंट चार्ज, बैलेंस ट्रांसफर फीस और अन्य नियम बैंक या वित्तीय संस्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी लोन को प्री-पे करने, बैलेंस ट्रांसफर करने या EMI बदलने से पहले अपने बैंक, अधिकृत वित्तीय सलाहकार या संबंधित संस्था से आधिकारिक जानकारी जरूर लें।

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories