LPG New Rule: क्या 1 जून से आपका LPG कनेक्शन प्रभावित हो सकता है? क्या गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियम बदल गए हैं? किन लोगों का कनेक्शन कैंसिल होने की चर्चा है? PNG कनेक्शन वालों को अब क्या करना होगा?

Gas Cylinder New Rules: अगर आपके घर में LPG गैस सिलेंडर इस्तेमाल होता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 1 जून, 2026 से गैस कनेक्शन और सिलेंडर बुकिंग से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव होने जा रहा है। सरकार कुछ नए और कड़े नियम लेकर आई है, जिसके तहत कई लोगों के चालू गैस कनेक्शन हमेशा के लिए बंद या कैंसिल हो सकते हैं। इसके साथ ही अब सिलेंडर दोबारा बुक करने के दिनों की लिमिट यानी डेडलाइन को भी बदल दिया गया है। आइए जानते हैं कि नया नियम क्या है और आप पर इसका क्या असर पड़ने वाला है...

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एलपीजी सिलेंडर को लेकर क्या बदलने जा रहा है?

सरकार और गैस कंपनियां लंबे समय से चाहती हैं कि जिन इलाकों में PNG (पाइप से मिलने वाली गैस) की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोग धीरे-धीरे उसी का इस्तेमाल करें। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने PNG कनेक्शन तो ले लिया, लेकिन LPG सिलेंडर भी चालू रखा हुआ है। इसी वजह से अब ऐसे कनेक्शनों की पहचान की जा रही है। जिन घरों में दोनों सुविधाएं मौजूद हैं, वहां LPG कनेक्शन को लेकर कार्रवाई हो सकती है।

किन लोगों का LPG कनेक्शन प्रभावित हो सकता है?

सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है, जिनके घर में पहले से PNG गैस उपलब्ध है और फिर भी LPG सिलेंडर का कनेक्शन चालू रखा गया है। गैस कंपनियां अपने रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की मदद से ऐसे उपभोक्ताओं की जांच कर रही हैं। अगर किसी उपभोक्ता को PNG उपलब्ध होने के बावजूद LPG की जरूरत नहीं है, तो उसका सिलेंडर कनेक्शन बंद या निष्क्रिय किया जा सकता है।

क्या सभी लोगों का सिलेंडर बंद हो जाएगा?

यह नियम सभी LPG उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होता है। अगर आपके इलाके में PNG की सुविधा उपलब्ध नहीं है और आप सामान्य रूप से LPG सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। यह बदलाव मुख्य रूप से उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, जहां PNG नेटवर्क पहले से मौजूद है।

सिलेंडर बुकिंग की डेडलाइन में क्या बदलाव हुआ?

1 जून से गैस सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के बीच का अंतर भी बढ़ाया जा रहा है। पहले शहरों में कई उपभोक्ता 21 दिन के अंतर पर सिलेंडर बुक करा सकते थे, लेकिन अब यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन की जा रही है। वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर और ज्यादा हो सकता है। इसका उद्देश्य घरेलू सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल और अनावश्यक बुकिंग को कम करना बताया जा रहा है।

LPG और PNG दोनों रखने वालों को क्या करना चाहिए?

अगर आपके घर में PNG कनेक्शन पहले से चालू है, तो अपने गैस प्रदाता से संपर्क करके नियमों की जानकारी जरूर लें। कई मामलों में उपभोक्ताओं को LPG कनेक्शन सरेंडर करने या उसकी स्थिति अपडेट करने की सलाह दी जा रही है। ऐसा करने से भविष्य में बुकिंग, सब्सिडी या कनेक्शन से जुड़ी किसी परेशानी से बचा जा सकता है।

क्या LPG कनेक्शन बाद में दोबारा लिया जा सकता है?

अगर भविष्य में आप ऐसे इलाके में शिफ्ट होते हैं, जहां PNG उपलब्ध नहीं है, तो LPG कनेक्शन को दोबारा सक्रिय कराने की सुविधा मिल सकती है। हालांकि इसके लिए संबंधित गैस कंपनी की प्रक्रिया का पालन करना होगा।

सब्सिडी और सिलेंडर लिमिट में कोई बदलाव?

फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सालाना रियायती सिलेंडरों की व्यवस्था पहले की तरह जारी है। तय सीमा से ज्यादा सिलेंडर लेने पर बाजार कीमत के अनुसार भुगतान करना होगा। नए कनेक्शन लेने वालों के लिए जमा राशि, रेगुलेटर और इंस्टॉलेशन शुल्क जैसे खर्चों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।