
नई दिल्लीः पेट्रोल डीजल की कीमतों में बेतहासा वृद्धि और विकल्प मौजूद होने के बाद से इलेक्ट्रिक गाड़ियों (Electric vehicle) का क्रेज बढ़ा है। सरकार भी चाहती है कि लोग इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ मुड़ें। इसके लिए सरकार सब्सिडी तक दे रही है। हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों में लगने वाली आग ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। यही वजह है कि कई लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल लेने से कतरा रहे हैं। यदि आप भी इलेक्ट्रिक वाहन लेने की सोच रहे हैं तो इन टिप्स पर ध्यान दीजिए जो आग लगने की घटनाओं से बचाती है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल में आग लगने से बढ़ी चिंता
देश में इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की हालिया घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। पर्यावरण में बदलाव और तेजी से बदलता तापमान इसका कारण हो सकता है। उन्होंने बताया कि ईवी बैटरी में थर्मल मैनेजमेंट महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इसे ठंडे व गर्म दोनों में चलाने की आवश्यकता होती है। देश में हालात ऐसे हैं कि कई शहरों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा हो जाता है। वहीं इस साल तो हीट वेव के कारण भी लोग परेशान रहे। कई जगहों से इलेक्ट्रिक व्हीकल में आग लगने की घटना सामने आई।
क्या कहता है शोध
वर्ल्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल जर्नल में प्रकाशित रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि 25 डिग्री सेल्सियस पर 1500 चक्रों के बाद एक लिथियम आयन बैटरी अपनी क्षमता का 15 प्रतिशत खो देता है। जबकि 45 डिग्री सेल्सियस पर यह मात्र 1000 चक्रों में ही 23-25 प्रतिशत के करीब क्षमता कम हो जाती है। कंपनियों ने अपनी फैक्ट्री में उत्पादन के समय खासतौर पर क्वालिटी संबंधित जांच पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। बैटरी गुणवत्ता निरीक्षण के लिए दिशा निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
यूजर्स दें ध्यान
इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को भी ध्यान रखना चाहिए कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का राइडिंग मानदंड आईसी इंजन एक जैसा नहीं है। नीचे के कुछ टिप्स को फॉलो करने से इस समस्या से बचा जा सकता है।
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