
बिजनेस डेस्क। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आने वाले दिनों में तेजी से सुधार होगा। आईएमएफ ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 11.5 फीसदी विकास दर को छू सकती है। यह चीन और स्पेन जैसे देशों को भी आर्थिक विकास के मामले में पीछे छोड़ सकती है। आईएमएफ ने कहा है कि साल 2020 में कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) की वजह से देश की अर्थव्यवस्था में बहुत ज्यादा गिरावट आई, लेकिन अब कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया गया है और इसमें तेजी से सफलता मिल रही है। आईएमएफ ने अनुमान जाहिर किया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड 11.5 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ सकती है। आईएमएफ ने कहा है कि कोरोना संकट के इस दौर में भारत अकेला देश होगा, जो आर्थिक विकास के मामले में चीन समेत दुनिया के बड़े देशों को पीछे छोड़ सकता है।
चीन और स्पेन के बारे में क्या कहा
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने कहा कि कोरोना संकट के बाद इस वित्त वर्ष में चीन में आर्थिक विकास की दर 8.1 फीसदी हो सकती है, वहीं स्पेन 5.9 फीसदी और फ्रांस 5.5 फीसदी की विकास दर हासिल कर सकते हैं। बता दें कि स्पेन और फ्रांस में कोरोना महामारी का असर ज्यादा रहा।
भारत बनेगा प्रमुख आर्थिक शक्ति
आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में कहा गया है कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। आईएमएफ का कहना है कि कुछ देशों ने कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया है और इसमें अच्छी-खासी सफलता भी मिल रही है। इसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था के विकास पर पड़ेगा।
ग्लोबल इकोनॉमी का कैसा होगा विकास
आईएमएफ ने अपने दस्तावेज में कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी के विकास की दर 5.5 फीसदी हो सकती है। यह अक्टूबर 2020 के अनुमान से 0.3 फीसदी ज्यादा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का कहना है कि 2021 में कोरोना वैक्सीनेशन प्रोग्राम से अर्थव्यवस्था के विकास पर अच्छा असर पड़ सकता है। आईएमएफ ने कहा है कि अमेरिका और जापान जैसे देशों में भी आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
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