
नई दिल्ली. देश में करदाताओं के लिए आयकर विभाग ने एक नया नियम जारी किया है। हाल में हुए इनकम टैक्स एक्ट-1961 में संशोधन के तहत करदाताओं को राहत मिली है। अब करदाता दस्तावेजों में पैन नंबर के स्थान पर 12 अंकों वाला आधारकार्ड का नंबर भी दे सकते हैं। इसमें जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
नियम में क्या बदला है
इनकम टैक्स एक्ट-1961 में हुए बदलाव के मुताबिक टैक्स रिटर्न फाइल करने, नए बैंक अकाउंट खोलने, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड खरीदने जैसे कार्यों में पैन नंबर के स्थान पर 12 अंकों का आधारकार्ड नंबर भी यूज कर सकतें हैं। लेकिन नंबर के गलत भरे जाने पर हजारों की चपत लग सकती है।
नियम का पालन जरुरी
बता दें कि आधार कार्ड नंबर को यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) जारी करता है लेकिन जुर्माने के नियम को आयकर विभाग निर्धारित करता है।
गलती हुई तो भरना पड़ेगा हजारों रुपए...
1. अगर आप गलत आधार नंबर डालते हो, तो आपको 10 हज़ार रुपए तक का जुर्माना देना होगा।
2. किसी खास ट्रांज़ैक्शन में PAN या आधार नंबर देने में असमर्थ हैं, तो आपको 10 हज़ार रुपए का जुर्माना देना होगा।
3. अगर आप बायोमैट्रिक आइडेंटिटी को ऑथेंटिकेट करने में फेल हो जाते हैं, तब भी आपको 10 हजार का जुर्माना देना होगा।
4. अगर कोई बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन PAN या आधार नंबर को ऑथेंटिकेट करने में फेल हो जाता है, तो उसे भी जुर्माना देना होगा।
5. यदि गलती कई बार की जाती है तो हर बार 10 हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा। जैसे दो फॉर्म्स में गलती होती है तो 20 हजार रुपए भरना पड़ेगा।
जब भी आधारकार्ड और पैन के नंबर को कहीं भरना हो तो ध्यान देकर भरें। यदि गलती हुई तो जुर्माना भरना पड़ सकता है।
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