
ITR Rent Deduction Rules: अगर आप किराए के घर में रहते हैं और टैक्स बचाने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। एक छोटी सी डेडलाइन मिस होने से आपका पूरा टैक्स बेनिफिट हाथ से निकल सकता है। बात हो रही है उस फॉर्म की, जो किराएदारों को टैक्स में छूट दिलाता है। इसकी आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। चलिए आसान तरीके से समझते हैं कि ये फॉर्म क्या है, किसके लिए है, और कैसे और कब तक भरना है...
अगर आप सैलरीड इंप्लॉई हैं, लेकिन आपको कंपनी से HRA (हाउस रेंट अलाउंस) नहीं मिलता है, या फिर आप कोई छोटा-मोटा बिजनेस करते हैं और किराए के घर में रहते हैं, तो भी आप टैक्स में छूट पा सकते हैं। इनकम टैक्स के नियम Section 80GG के तहत आपको यह फायदा मिलता है। इस छूट का दावा करने के लिए आपको 31 जुलाई 2026 से पहले Form 10BA भरकर जमा करना होगा। अगर आप यह फॉर्म भरना भूल गए, तो आप मकान के किराए पर मिलने वाली टैक्स छूट का दावा नहीं कर पाएंगे। यानी सीधा-सीधा आपकी जेब पर डाका पड़ेगा। इसके अलावा, अगर आपकी सैलरी का पिछला कोई बकाया (Arrears) या एडवांस सैलरी मिली है, तो उस पर टैक्स राहत पाने के लिए आपको 31 जुलाई तक Form 10E भी भरना होगा।
ये फॉर्म खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो किराए के घर में रहते हैं, सैलरी में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) नहीं मिलता, या बहुत कम मिलता है, फिर भी किराए पर टैक्स में छूट चाहते हैं। मतलब अगर आपकी कंपनी आपको HRA नहीं देती, या आप सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं, तो भी आप किराए पर टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए ये फॉर्म भरना जरूरी है।
इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, अगर आप किराए पर छूट चाहते हैं तो सरकार को बताना होता है कि आप वाकई किराए के घर में रहते हैं और हर महीने किराया दे रहे हैं। यही जानकारी इस फॉर्म के जरिए दी जाती है। बिना ये फॉर्म भरे, आपका क्लेम वैलिड नहीं माना जाता, चाहे आप सच में किराया दे भी रहे हों। यानी सिर्फ किराया देना काफी नहीं, उसका सही तरीके से डिक्लेरेशन भी देना पड़ता है।
मान लीजिए किसी वजह से आप 31 जुलाई 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) नहीं भर पाते हैं, तो सरकार आपको 31 दिसंबर 2026 तक 'बिलेटेड रिटर्न' (Belated Return) भरने का मौका तो देती है, लेकिन यह बिल्कुल मुफ्त नहीं होगा। इसके लिए आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी। अगर आपकी कुल सालाना कमाई 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तो आपको ₹5,000 की लेट फीस (पेनल्टी) देनी होगी। अगर आपकी सालाना इनकम 5 लाख रुपए से कम है, तो देरी से आईटीआर भरने पर ₹1,000 की पेनल्टी लगेगी। अगर आपका कोई टैक्स बकाया है, तो उस पर हर महीने के हिसाब से ब्याज जुड़ता जाएगा। साथ ही, आप अपने बिजनेस या इंवेस्टमेंट के नुकसान को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड (आगे ट्रांसफर) नहीं कर पाएंगे।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य उद्देश्यों के लिए है, इसे टैक्स या कानूनी सलाह न समझें। Form 10BA और रेंट डिडक्शन से जुड़े नियम बदल सकते हैं, इसलिए ताजा जानकारी के लिए इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें या किसी क्वालिफाइड CA से सलाह लें। क्लेम करने से पहले अपने सभी डॉक्यूमेंट और जानकारी खुद वेरिफाई कर लें।
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