LPG ALERT: क्या 10 दिन बाद खत्म हो जाएगा गैस स्टॉक? जंग के बीच बढ़ी टेंशन

Published : Mar 12, 2026, 02:22 PM IST

Gas Stock in India: ईरान-इजराइल और अमेरिका जंग की वजह से LPG को लेकर मारामारी मची हुई है। कई जगहों से कालाबाजारी की शिकायतें भी आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के पास सिर्फ 10 दिन का गैस स्टॉक बचा है। जानिए सरकार का बैकअप प्लान... 

PREV
15

गैस सिलेंडर की किल्लत क्यों बढ़ रही है?

खाड़ी देशों (कतर, सऊदी, कुवैत) से गैस लाने वाले जहाजों को 'होर्मुज स्ट्रेट' नाम के एक पतले समुद्री रास्ते से गुजरना पड़ता है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर उस पर हमले हुए, तो वह इस रास्ते को पूरी तरह बंद कर देगा। पहले यहां से हर दिन 150 से ज्यादा जहाज निकलते थे, जो अब घटकर सिर्फ 13 रह गए हैं। इस समय भारत के करीब 28 जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं, जिनमें नाविक और जरूरी तेल-गैस मौजूद है।

25

भारत में हर दिन कितने सिलेंडर की जरूरत पड़ती है?

भारत अपनी जरूरत का करीब 60% गैस विदेशों से खरीदता है। देश को हर साल करीब 235 करोड़ सिलेंडरों की जरूरत होती है, यानी हर दिन करीब 64 लाख सिलेंडर चाहिए होता है। जंग की वजह से इसी सप्लाई पर संकट आ गया है।

35

भारत में कितने दिन का गैस स्टॉक बचा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में सिर्फ 10 दिन के बफर स्टॉक बचा है। सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995' लागू कर दिया है। दो अलग-अलग अनुमानों में अगर होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई ठप पड़ती है, तो देश में करीब 40-45 दिन कोई दिक्कत नहीं आने वाली है। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्ट्रैटजिक क्रूड ऑयल रिजर्व भी देश के पास है, जिससे 8 हफ्तों तक परेशानी की बात नहीं है। वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने भी साफ किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पैनिक बुकिंग न करने की अपील भी की है।

45

गैस को लेकर सरकार का 'प्लान B' क्या है?

मिडिल ईस्ट की वजह से तेल-गैस की कमी न होने पाए, इसके लिए भारत सरकार ने प्लान बी तैयार कर रखा है। भारत ने रूस को कच्चे तेल के बड़े ऑर्डर दिए हैं। इसके साथ ही नॉर्वे और अमेरिका से भी गैस मंगाने की तैयारी है। इसके अलावा सभी रिफाइनरियों जैसे रिलायंस, IOCL को आदेश दिया है कि वे अपनी पूरी ताकत लगाकर गैस का उत्पादन 25% तक बढ़ाएं। इंडियन नेवी भी जहाजों को सुरक्षा देने के लिए तैयार है, ताकि सप्लाई न रुके।

55

क्या एलपीजी की किल्लत बढ़ेगी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नॉर्वे और अमेरिका से शिपमेंट आने में काफी समय लगता है। अगर इस बार भी ऐसा हुआ , तो क्राइसिस बढ़ सकती है। शिपिंग इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, भारत के जहाजों को इन दोनों देश जाने और वहां से गैस लेकर आने में कम से कम 2 महीने लग सकते हैं।

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories