
नई दिल्ली। SaaS टेक्नालॉजी कंपनी MapmyIndia के आईपीओ की लांचिंग 9 दिसंबर को होने जा रहा है। अपने क्षेत्र की पायनियर कंपनी MapmyIndia, डिजिटल मैप्स और लोकेशन इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी और सेवाओं के लिए भारत के उद्योग क्षेत्रों में B2B और B2B2C मार्केट का प्रमुख लीडर है। कंपनी के वार्षिक नए ऑर्डर बुकिंग में 3.3 गुना वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2019 में 1415 मिलियन से FY21 से 4,680 मिलियन तक पहुंच चुका है।
डिजिटल मैप्स और लोकेशन इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मार्केट लीडर
MapmyIndia (C.E. Info Systems Limited) एक अत्यधिक लाभदायक, तेजी से बढ़ती SaaS प्रौद्योगिकी कंपनी है। यह डिजिटल मैप्स और लोकेशन इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी और सेवाओं के क्षेत्र में मार्केट लीडर और अग्रणी है। MapmyIndia की स्थापना और निर्माण एक पेशेवर प्रबंधन टीम के साथ उच्च योग्य टेक्नोक्रेट प्रमोटरों द्वारा किया गया है। कंपनी की वित्त वर्ष 2011 में 82% अंशदान मार्जिन और वित्त वर्ष 2012 की पहली छमाही में 85.5% अंशदान मार्जिन रही। रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2011 में 30.9% PAT मार्जिन और वित्त वर्ष 2012 की पहली छमाही में 46.8% रही। कंपनी का FY21 में 590 मिलियन रुपये का शुद्ध लाभ और FY22 के H1 में रुपये 468 मिलियन का शुद्ध लाभ रहा। FY21 में EBITDA मार्जिन 35.4% और FY22 के H1 में 45.7% रहा। FY21 में 110% ROCE और FY22 की H1 में 95% है।
नए आर्डर बुकिंग में साढ़े तीन गुना बढ़ोत्तरी
कंपनी के वार्षिक नए ऑर्डर बुकिंग में 3.3 गुना वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2019 में 1415 मिलियन से FY21 से 4,680 मिलियन तक पहुंच चुका है। ऑपरेशन्स से रेवेन्यु वित्त वर्ष 2019 में 1,353 मिलियन रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 21 में 1,520 मिलियन रुपये और वित्त वर्ष 22 की पहली छमाही में 1,000 मिलियन रुपये हो गया है।
भारत में इस क्षेत्र में 2025 तक 47000 करोड़ रुपये का बाजार
एक रिपोर्ट के अनुसार भारत, डिजिटल मैप्स और लोकेशन इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी और सेवाओं उद्योग क्षेत्रों में B2B और B2B2C मार्केट में 47,000 करोड़ (USD 7.7 बिलियन) का 2025 तक मार्केट होगा। जिसमें MapmyIndia अग्रणी और लीडर है। दरअसल, भारत सरकार ने फरवरी 2021 में भारत में लोकेशन इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी को उदार बनाते हुए, आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ऐतिहासिक सुधार किए। भारतीय भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपये की होगी।
भारत सरकार के कई साफ्टवेयर में सहयोग
MapmyIndia ने भारत सरकार को कई साफ्टवेयर बनाने में मदद की है। कोविड के खिलाफ लड़ाई में CoWIN पोर्टल, भारत सरकार का सुपर ऐप UMANG, डिजिटल स्काई ड्रोन प्लेटफॉर्म और जीएसटी व सीबीडीटी के साफ्टवेयर्स में भी काफी सहयोग रहा है।
जानिए इनके संस्थापकों के बारे में...
कंपनी की स्थापना टेक्नोक्रेट राकेश वर्मा और रश्मि वर्मा ने 1995 में नई दिल्ली में की थी। आईपीओ के बाद वे कंपनी के 53% हिस्से के मालिक होंगे। राकेश वर्मा (सीएमडी, सह-संस्थापक और प्रमोटर) बिट्स पिलानी इंजीनियर 1972 पासआउट हैं। वह यूएसए से एमबीए हैं। उन्होंने जनरल मोटर्स ईडीएस सहित अमेरिका में अग्रणी कंपनियों में काम किया है।
जबकि रश्मि वर्मा (सीटीओ और सह-संस्थापक) आईआईटी रुड़की इंजीनियर 1977 पासआउट हैं। वह यूएसए से कंप्यूटर साइंस एंड ऑपरेशंस रिसर्च में परास्नातक हैं। उन्होंने आईबीएम सहित यूएस में अग्रणी कंपनियों में काम किया है।
वहीं, रोहन वर्मा (सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक) स्टैनफोर्ड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर 2007 पास आउट और लंदन बिजनेस स्कूल एमबीए 2015 पासआउट हैं। 19 साल की उम्र से 17 साल की उम्र से कंपनी से जुड़े थे। उन्होंने MapmyIndia.com पोर्टल बनाने और लॉन्च करने में मदद की थी।
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