
Adani Group Wind Power Project in Sri Lanka: हिंडनबर्ग आरोपों में घिरे अडाणी ग्रुप को लगातार झटके लग रहे हैं। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद उनके पॉवर एक्सपोर्ट के बिजनेस में झटका लगने के बाद अब श्रीलंका में आई नई सरकार की वजह से उनके सैकड़ों करोड़ के प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग सकता है। अडाणी ग्रुप द्वारा की गई विंड पॉवर स्टेशन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की डील खटाई में पड़ सकती है। दरअसल, चुनाव के पहले वामपंथी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके ने इस प्रोजेक्ट को जनविरोधी बताते हुए इस रद्द करने का आश्वासन दिया था। देश में हुए चुनाव में दिसानायके 42 प्रतिशत से अधिक वोट पाकर जीत हासिल करने के साथ राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
श्रीलंका सरकार ने भारत के मशहूर उद्योगपति गौतम अडाणी की कंपनी के साथ बड़ी डील की थी। अडाणी की कंपनी के साथ श्रीलंका सरकार ने विंड पॉवर स्टेशन डेवलप करने की डील की थी। यह प्रोजेक्ट करीब 442 मिलियन डॉलर यानी करीब 367 करोड़ रुपये का था। अडाणी ने यहां 442 मिलियन डॉलर इन्वेस्ट करने का ऐलान किया था।
हालांकि, इस डील के बाद से ही वामपंथी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके ने विरोध शुरू कर दिया था। उनकी पार्टी जेवीपी लगातार इस मामले में सरकार पर हमलावर रही। चुनाव के पहले ही अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारतीय कंपनी अडाणी के खिलाफ बयान देकर बहस छेड़ दी थी। उन्होंने चुनाव के दौरान भी वादा किया कि राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद वह श्रीलंका में अडाणी ग्रुप का विंड पॉवर प्रोजेक्ट रद्द कर देंगे।
आर्थिक भ्रष्टाचार को खत्म करने का लगातार करते रहे वादा
अनुरा कुमारा दिसानायके, देश के युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर होकर बोलते थे। मंच से लेकर जनसंपर्क तक वह लगातार भ्रष्टाचार को ही निशाना बनाते रहे। वह आर्थिक बदहाली की वजह भी भ्रष्टाचार को ही बताते रहे। अनुरा अपने हर कैंपेन में आर्थिक बदहाली दूर करने, समानता दिलाने का वादा करते।
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