
बिजनेस डेस्क। आपकी महीने की बचत कम हो रही है। सारे पैसे खर्च हो जा रहे हैं। लोन और ईएमआई का टेंशन सता रहा है तो परेशान न हों। कई बार ऐसी स्थिति आने पर हम यहां वहां से लोन ले लेते हैं या फिर किसी से उधार ले लेते हैं। हम इनवेस्टमेंट तो करते हैं लेकिन गलत जगह पैसे लगा देते हैं जिससे लाभ के बजाए नुकसान हो जाता है। ऐसे में आज हम आपको बताते हैं कि सेविंग कैसे करें और कहां कैसे पैसे लगाएं ताकि भविष्य़ में कभी लोन लेने की जरूरत ही न पड़े।
खर्च का हिसाब रखने से होता है फायदा
कई लोग अपने खर्चों का हिसाब नहीं रखते हैं जिससे उनके पैसे कहां खत्म हो जाते हैं कुछ पता नहीं चलता है।इससे लोन या कर्ज बढ़ता है। इस स्थिति में 50-30-20 फार्मूला हर आदमी के लिए लाभकारी है। व्यक्तिगत बजट बनाना बहुत जरूरी होने के साथ आसान भी है। इसमें 50-30-20 फॉर्मूला प्रभावी है।
50-30-20 फीसदी फॉर्मूला
इस फॉर्मूले के तहत अपनी लाइफस्टाइल और सेविंग के लिए कुल इनकम को 50%, 30% और 20% में डिवाइड कर लें। डेली जरूरतों और मंथली आवश्यकताएं जैसे घर का किराया या EMI, कार-बाइक प्रीमियम या कोई अन्य ऋण किस्त, स्कूल फीस, मोबाइल-बिजली बिल आदि को 50% श्रेणी में रखें। लाइफस्टाइल से जुड़े खर्चों में शॉपिंग, खाना-पीना, पार्टी- आउटिंग आदि को 30% की कैटेगरी में रखना चाहिए
सेविंग सबसे जरूरी है लेकिन सारे खर्च के बाद इसका नंबर अनिवार्य रूप से आता है। अपने वेतन का 20% आप सेविंग के लिए रखें। इसे किसी भी तरह से न निकालें और इतनी फीसदी सेविंग हर हाल में करें। घूमने-फिरने आदि में कटौती करनी पड़े तो करें लेकिन सेविंग फिक्स रूप से करें।
इस 20 फीसदी सेविंग को आप कहीं इनवेस्ट भी कर सकते हैं। इंश्योरेंस करा सकते हैं, इमरजेंसी फंड में डाल सकते हैं। इसलिए 50-30-20 फॉर्मूला के फॉलो करें यह हर किसी के लिए फायदेमंद है।
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